राम मंदिर निर्माण में सहयोग के लिए हापुड में जब भिखारिन आगे आई
हापुड, सीमन (ehapurnews.com):अयोध्या में श्रीराम मंदिर के लिए देश भर में आंदोलन चल रहा था। यह बात वर्ष 1990 की है। इस आंदोलन में हापुड़ भी पीछे नहीं रहा। राम मंदिर के लिए सूबे में गिरफ्तारी देने का सिलसिला जारी था। हापुड़ की महिलाएँ भी एक दिन गिरफ्तारी देने के लिए आर्य समाज मंदिर हापुड़ पर एकत्र थी और इस जत्थे का नेतृत्व दुर्गा वाहिनी की संयोजिका आभा गुप्ता ( आलोक हापुड़) कर रही थी और हापुड के वरिष्ठ पत्रकार सत्यप्रकाश सीमन कवरेज के लिए वहां उपस्थित था। महिलाओं के जत्थे व हाथों में केसरिया ध्वज देखकर एक वृद्धा (भिखारिन) रुकी और उसने उत्सुकता वश महिलाओं से एकत्र होने का कारण पूछा तब आभा ने भिखारिन को बताया कि मां, सभी महिलाएं अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर के निर्माण हेतु जेल भरो आंदोलन के तहत जेल जाने के लिए गिरफ्तारी देंगी। इतना सुनते ही वह भिखारिन भावुक हो उठी और मंदिर के लिए जेल जाने की जिद कर अड़ गई।
आभा ने वृद्धा को समझाया कि मां आपकी उम्र जेल जाने की नहीं है आप घर से ही राम मंदिर निर्माण के लिए प्रार्थना करती रहें। भिखारिन इतनी भावुक थी कि उसने अपने पल्लू की गांठ में बंधा दो रुपए का नोट यह कहते हुए आगे बढाया कि बहन मेरा यह नोट मंदिर निर्माण में लगा देना ताकि मैं भी पुण्य की भागी बन सकूं।श्री राम मंदिर की देश में मच रही धूम के बीच वह दृश्य आज भी पत्रकार की आंखों के सामने है जब भिखारिन मंदिर निर्माण में अपना सहयोग देने के लिए आतुर दिखाई दे रही थी। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के प्रति जन-जन की भावना से ही अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण सम्भव हो पाया है और पूरा देश 22 जनवरी को दिवाली मनाने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
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