हापुड़, सीमन/ अमित कुमार(ehapurnews.com): हापुड़, 29 दिसंबर, 2023। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. सुनील कुमार त्यागी ने शुक्रवार को बताया – 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने का संकल्प पूरा करने के लिए जनपद में लक्षण युक्त व्यक्तियों की जांच और जांच में टीबी की पुष्टि होने पर तत्काल उपचार शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया- एक हजार की आबादी पर 30 स्पुटम जांच करने पर रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त होने से उस आबादी को टीबी मुक्त घोषित किया जाएगा। जिले की 89 ग्राम पंचायत इस मानक को पूरा कर रही हैं। इसी तरह अन्य ग्राम पंचायत भी मानक को पूरा करेंगी तो जिला टीबी मुक्त हो जाएगा। टीबी अभिमुखीकरण के लिए सीएमओ कार्यालय सभागार में शुक्रवार को आयोजित कार्यशाला में एसीएमओ डा. केपी सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी डा. राजेश सिंह और जिला कार्यक्रम प्रबंधक सतीश कुमार और पीपीएम समन्वयक सुशील चौधरी आदि मौजूद रहे।
सीएमओ ने बताया – शासन से मिले सभी नौ इंडीकेटर्स पर शत प्रतिशत काम करने का प्रयास किया जा रहा है। नोटिफिकेशन के मामले में जिले में 83 प्रतिशत काम हुआ है, उसका कारण है कि जिले में लक्षण युक्त व्यक्तियों की संख्या कम है। सीएमओ ने बताया – जांच बढ़ाने के लिए जिले में जगह- जगह कार्यक्रम आयोजित कर टीबी के लक्षणों के बारे में जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया- दो सप्ताह से अधिक खांसी या बुखार आना, खांसी में बलगम या खून आना, रात में सोते समय पसीना आना, वजन कम होना और सीने में दर्द होना टीबी के लक्षण हो सकते हैं। इनमें से एक भी लक्षण नजर आने पर नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर टीबी की जांच कराएं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर जाकर भी स्पुटम (बलगम का नमूना) जांच के लिए दे सकते हैं। जांच और उपचार की सुविधा सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है।
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर कहलाएंगे
सीएमओ डा. सुनील त्यागी ने बताया – शासन से आयुष्मान हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का नाम बदलकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर कर दिया गया है। सभी केंद्रों पर नए नाम अंकित किया जाएगा। इसके लिए पेंटिंग का कार्य शुरू करने के निर्देश शासन से मिले हैं।
टीबी का सक्सेस रेट हुआ 90 फीसदी डीटीओ
जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डा. राजेश सिंह ने बताया – जिले में टीबी का सक्सेस रेट 90 फीसदी हो गया है। उन्होंने बताया – क्षय रोगियों की एचआईवी जांच करने के मामले में जिले ने शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया है। जिले में वर्तमान में ऐसे आठ क्षय रोगी हैं जो एचआईवी पॉजिटिव भी हैं, सभी का उपचार चल रहा है। क्षय रोगियों की शुगर और यूनिवर्सल ड्रग ससेप्टिबिलिटी टेस्ट (यूडीएसटी जांच) के मामले में भी हापुड़ जनपद ने शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया है। इसके साथ ही सभी क्षय रोगियों के घर में मौजूद पांच वर्ष तक के बच्चों को प्रीवेंटिव थेरेपी दी जा रही है। प्रीवेंटिव थेरेपी का कोर्स भी छह माह चलता है।
80 प्रतिशत क्षय रोगियों को मिली पोषण राशि: पीपीएम
पीपीएम कोऑर्डिनेटर सुशील चौधरी ने बताया – जिले में 80 प्रतिशत क्षय रोगियों को निक्षय पोषण योजना के तहत पोषण राशि दी जा चुकी है। बैकलॉग को भी पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया- सरकार की ओर से एक अप्रैल, 2018 से क्षय रोगियों को हर माह पांच सौ रुपए की पोषण राशि डीबीटी के माध्यम से दी जाती है ताकि रोगी को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने में मदद हो सके।
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