
दान आनन्द पूर्वक, आदरपूर्वक और बिना पछतावे के देना चाहिए-आचार्य नमोस्तु सागर
हापुड, सीमन/सुरेश जैन (Ehapurnews.com): दिगम्बर जैन मुनि आचार्य 108 नमोस्तु सागर जी महाराज ने मगंल वार को प्रातःकाल नमोस्तु भवन पर जैन भक्तो को प्रवचन देते हुए कहा कि श्रावक के जीवन मे दान का बहुत महत्व है दान सदैव आनन्द पूर्वक, आदरपूर्वक और बिना पछतावे के देना चाहिए। मनुष्य इस संसार मे खाली हाथ आता है किन्तु खाली हाथ नही जाता है अपने अच्छे बूरे कर्मो को परिणाम को साथ लेकर जाता है। दान सर्वश्रेष्ठ कर्म है, हमे अपनी सामर्थ्य के अनुसार श्रेष्ठ कार्यो मे दान अवश्य करना चाहिए ऐसा करने से हमारा अगला जन्म कल्याणकारी हो जाता है। दान मृत्यु के बाद भी हमारे साथ जाता है। आचार्य नमोस्तु सागर जी महाराज ने प्रातःकाल नमोस्तु भवन पर चमत्कारिक अराधना तथा पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पर शान्तिधारा कराई। सुधीर जैन टप्पू, प्रदीप जैन, अनिल जैन, सुधीर जैन टपिया, सुनील जैन, मनीष जैन, तरूण जैन, सुशील जैन, सुरेश चन्द जैन, विकास जैन,जतिन जैन, देवो जैन, सजींव जैन, राजीव जैन, पंकज जैन,सुन्दर लाल जैन, जवाहर लाल अग्रवाल ,राहुल कंसल,मीनू जैन, मनीषा जैन, विनोद बाला जैन, नीता जैन, प्रगति जैन, गरिमा जैन, श्वेता जैन, शान्ति जैन ,मंजू जैन, मगन जैन नेहा जैन सोनू जैन, डलिना जैन आदि उपस्थित थे।राकेश कुमार ने भक्तिपूर्ण संगीतमय भजन प्रस्तुत किए।
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