हापुड़ का रेन बसेरा बना कबाड़ घर
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश है कि कोई भी असहाय व्यक्ति इस ठिठुरन भरी सर्दी में खुले आसमान के नीचे रात व्यतीत न करें और राहगीरों व असहाय लोगों के लिए रेन बसेरे स्थापित किए जाएं तथा शौच आदि की पूर्ण व्यवस्था की जाए, साथ रेन बसेरा में स्वच्छता आदि का विशेष ध्यान रखा जाए।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर नगर पालिका हापुड़ ने गत वर्ष लाखों रुपए खर्च करके एक रेन बसेरा रामलीला मैदान के ठीक सामने पुराने बस अड्डा में बनवाया। सर्दी शुरु होने के बाद भी रेन बसेरा पर लगा हुआ ताला अभी तक नहीं खोला गया है और न ही यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की गई। नगर पालिका हापुड़ का यह रेन बसेरा कूड़ा घर पालिका के टूटे फूटे सामान का कबाड़ घर बना है।
पुराना बस अड्डा में बने रेन बसेरा पर ताला लगा है। रेन बसेरा के अंदर का दृश्य देखकर आप भी चौंक जाएंगे। रेन बसेरा में टूटे हुए डस्टबीन, वाहनों के कंडम टायर, प्लास्टिक की केन व अन्य कबाड़ भरा है। दीवारों पर सील, पुताई तो रेन बसेरा की कहानी बयां कर रही है। फर्म आदि को देखर तो साफ झलकता है कि वर्षों से रेन बसेरा में झाडू तक नहीं लगी। यह रेन बसेरा लोगों की बीमारी का खुला न्यौता दे रहा है। अब सवाल यह उठता है कि रेन बसेरा के नाम पर खर्च धनराशि कहां गई।
जब हापुड़ के रेन बसेरा पर ताला लटका हो और राहगीरों व असहाय लोगों को रात बीताने के लिए कोई व्यवस्था न हो तो आप अंदाजा लगा ले कि इस कड़कड़ाती सर्दी में बेसहारा लोगों का क्या हाल होगा।
































