
निर्जला एकादशी 25 जून दिन गुरुवार को बन रहे रवि योग, शिव योग, सिद्ध योग, जाने क्या दान करें ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय से: 9634408321
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय ने बताया निर्जला एकादशी 25जून दिन गुरुवार को रवि योग,शिव योग,सिद्ध योग,मनाई जाएगी शास्त्रोक्त हैं।एकादशी तिथि प्रारंभ24 जून दिन बुधवार सायं 6बजकर 12 मिनट बजे से प्रारंभ होकर एकादशी तिथि समाप्त 25 जून दिन गुरुवार को रात8 बजकर 9मिनट बजे तक व्रत पारण मुहूर्त 26 जून दिन शुक्रवार को सुबह 05बजकर 24मिनट बजे से 08बजकर 12मिनट बजे तक शुभ हैं।निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं।इस दिन अन्न और जल दोनों ग्रहण नहीं किए जाते (निर्जल व्रत) मान्यता हैं कि इस एक व्रत से 24 एकादशियों के बराबर पुण्य मिलता हैं।निर्जला एकादशी पर जल और अन्न दोनों का सेवन नहीं करना चाहिए।
अति आवश्यक होने पर एकादशी पर दूध या जल का सेवन कर सकते हैं।दशमी के दिन से ही प्याज, लहसुन, मसूर की दाल, चावल का सेवन नहीं करना चाहिए।किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा दिया अन्न कदापि ग्रहण न करें।
अतिआवश्यक होने पर सेब, केला, आम,अंगूर,संतरा,पपीता,बादाम,काजू,शकरकंद, कुट्टू के आटे की रोटी, आलू, साबूदाना,दूध, दही, मट्ठा, घी, पनीर,नारियल,सेंधा नमक (सादा नमक नहीं) आदि का सेवन विष्णु भगवान को भोग लगा कर ग्रहण कर सकते हैं । ज्योतिर्विद प्रीति पाण्डेय ने बताया
विष्णुसहस्त्र नाम का पाठ करें।
नमो भगवते वासुदेवाय नमः का 108 बार जाप करें।एकादशी व्रत का माहात्म्य पढ़ने और सुनने मात्र से मनुष्य सब पापों से छूट कर तथा सभी सुखों को भोग कर मोक्ष को प्राप्त करता हैं।जल दान (महादान)सबसे महत्वपूर्ण ,मिट्टी, ताम्र या पीतल के घड़े में ठंडा जल भरकर गरीब, साधु या ब्राह्मण को दान करें।घड़े में जल + तुलसी दल डालकर दान करें।घड़े को कभी ओपन न दान करें, ऊपर सराईअवश्य रखें और कुछ मीठा रखें ।घर में जल का भंडारा (शरबत) लगा सकते हैं।
फल और मौसमी रसीले फल का दान करें।गर्मी से राहत देने वाली वस्तुएं पंखा दान (बांस का पंखा विशेष) छाता दान,बिस्तर दान,वस्त्र दान,अपने समर्थ अनुसार करें।
दान के लिए तुलसी दल घड़े में जरूर डाल दें।ज्ञोतिष शास्त्र के अनुसार, निर्जला एकादशी पर दान करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता हैं।गरीबों को दान करने से आपको परम पुण्य की प्राप्ति होती हैं।जल से भरा घड़ा किसी गरीब या ब्राह्मण को दान करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती हैं।भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती हैं
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्म और दान सौ एकादशियों के बराबर फल देते हैं।ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा अवश्य देना चाहिए।
🚩श्री ज्योतिष कार्यालय 🚩
ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय
देवलोक कॉलोनी हापुड़
संपर्क सूत्र 9634408321
होलसेल दामों पर खरीदें व बनवाएं कस्टमाईज़ड टाइल्स: 8449930105, 9837824010























