
सड़क हादसों में मौतों के लिए बे लगाम ट्रैक्टर ट्राली दोषी
हापुड़, सीमन/अशोक तोमर (ehapurnews.com): उत्तर प्रदेश सरकार सड़क हादसों को रोकने के लिए व्यापक स्तर इंतजाम कर रही है परंतु सड़क दुर्घटनाओं में मौतो के रुकने का सिलसिला थामें नहीं थम रहा है। यदि सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी द्वारा लोकसभा में सड़क दुर्घटनाओं को लेकर प्रस्तुत किए गए आंकड़ों पर नजर डाले तो उत्तर प्रदेश में वर्ष 2025 में दुर्घटनाओं में सबसे अधिक 27 हजार 550 मौतें हुई हैं।। जो इस बात पर संकेत है कि सड़क हादसों पर काबू पाने के लिए अभी और अधिक प्रयास करने की जरूरत है।
सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों से जनपद हापुड़ भी पीछे नहीं है। वर्ष 2025 व 26 में जनपद हापुड़ में सैकड़ो की तादाद में मोतें हुई हैं जिसके लिए ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली दोषी है। हापुड़ में ज्यादातर यह मौतें ट्रैक्टर ट्रॉलियों व दो पहिया वाहनों तथा कार आदि चार पहिया वाहन शामिल हैं।
जनपद हापुड़ में यातायात नियंत्रण व सड़क हादसों पर काबू पाने के लिए ट्रैफिक पुलिस व होमगार्डस की पूरी फौज तैनात है परंतु उनका ध्यान वसूली पर अधिक रहता है जिस कारण ट्रैफिक रूल का उल्लंघन करने वाले बेलगाम वाहन सड़कों पर दौड़ते रहते हैं।
हापुड़ की ट्रैफिक पुलिस सीट बेल्ट, हेलमेट आदि को लेकर तो चालान ठोकते रहते हैं परंतु ट्रैफिक पुलिस व उनके साथ लगे होमगार्डस को जनपद हापुड़ की सड़कों पर दौड़ रही बे लगाम हजारों ट्रैक्टर ट्रालियां दिखाई नहीं देती जो ट्रैफिक रूल का खुला उल्लंघन करती है और सड़क हादसों को न्यौता देती फिरती हैं। माल वाहक ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर कोई नंबर प्लेट तक नहीं है और न हीं रिफ्लेक्टर व लाइट लगी है। ट्रैक्टर ट्रालियों के चालक भी नौसीखिए हैं। सड़क के विपरीत दिशा में यह वाहन तेजी से दौड़ाते हुए निकल जाते हैं।
यदि पुलिस ट्रैफिक ट्रॉलियों पर लगाम लगा दे तो काफी हद तक सड़क हादसों पर काबू पाया जा सकता है।
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