
भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जन्मभूमि नूरपुर में कवि सम्मेलन
हापुड़,सीमन (ehapurnews.com):भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पावन जन्मभूमि नूरपुर में आयोजित ‘नूरपुर महोत्सव’ साहित्य, संस्कृति और भारतीय संस्कारों का अनुपम संगम बनकर उभरा। जिसमें १०० बुजुर्गों का सम्मान किया गया।कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रांतों से पधारे सुप्रसिद्ध कवियों ने अपनी ओजस्वी, भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी काव्य प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना, भारतीय संस्कृति तथा मानवीय मूल्यों का प्रभावी संदेश दिया।
महोत्सव के मुख्य अतिथि के रूप में गढ़मुक्तेश्वर के विधायक हरेंद्र तेवतिया उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को समाज में सकारात्मक चेतना जागृत करने वाला बताते हुए आयोजकों को शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ता एवं एम.एस. हेरिटेज स्कूल के चेयरमैन राम किशोर त्यागी ने भारतीय संस्कृति, शिक्षा और संस्कारों के संरक्षण की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के संयोजक प्रख्यात ओजस्वी कवि अवनीत सिंह समर्थ ने अपनी प्रभावशाली कविता—
“उजड़ जाते हैं वह गुलशन जहाँ माली नहीं होते…”
के माध्यम से समाज को अपने दायित्वों के प्रति जागरूक रहने तथा नई पीढ़ी में संस्कारों का बीजारोपण करने का सशक्त संदेश दिया। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया।
कार्यक्रम का संचालन कवि विकास विजय त्यागी ने किया।
मंच पर उपस्थित अन्य प्रतिष्ठित कवियों ने भी राष्ट्रप्रेम, वीर रस, हास्य-व्यंग्य, सामाजिक समरसता और भारतीय संस्कृति पर आधारित अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस भव्य एवं सफल आयोजन का निर्देशन सनातन परमार्थ ट्रस्ट द्वारा किया गया। नूरपुर महोत्सव ने एक बार पुनः सिद्ध किया कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, संस्कृति, राष्ट्रीय चेतना और सकारात्मक परिवर्तन का प्रभावी साधन भी है।
कार्यक्रम में विकास तेवतिया , मनोज वर्मा,निपेन्द्र राणा डॉ नरेन्द्र सोलंकी रविन्द्र राव व पदम प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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