
अर्वाचीन इंटरनेशनल स्कूल पर 6 लाख के जुर्माने के बाद निजी स्कूलों की जांच के लिए निगरानी समिति गठित करने की मांग
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): जनपद हापुड़ में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिलखुवा स्थित अर्वाचीन इंटरनेशनल स्कूल पर अधिक शुल्क वसूली के मामले में प्रशासन द्वारा 6 लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने के बाद अब अभिभावकों का गुस्सा और बढ़ गया है। उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे जिले में निजी स्कूलों की जांच के लिए निगरानी समिति गठित करने की मांग उठाई है।
उत्तर प्रदेश अभिभावक महासंघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि अर्वाचीन स्कूल के साथ-साथ जिले के अधिकांश निजी स्कूलों में इसी तरह अभिभावकों से खुली लूट की जा रही है। बच्चों के महंगे कोर्स, ड्रेस और अन्य शैक्षणिक सामग्री को निर्धारित दुकानों से खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर किया जा रहा है जिससे उन पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है। जिलाध्यक्ष शरद कुमार गर्ग ने कहा कि शुल्क नियामक समिति द्वारा अर्वाचीन स्कूल पर लगाया गया जुर्माना सराहनीय कदम है, लेकिन इससे समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि एक निगरानी समिति बनाई जाए, जो जिले के विभिन्न स्कूलों में जाकर मौके पर जांच करे और अपनी रिपोर्ट सीधे जिलाधिकारी को सौंपे। साथ ही इस समिति में अभिभावक महासंघ के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी हो सके।
वहीं, जिला महासचिव योगेंद्र अग्रवाल ने भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई स्कूलों में परिसर के अंदर ही निजी प्रकाशकों की किताबें बेची जा रही हैं, जिससे अभिभावकों के पास कोई विकल्प नहीं बचता। उन्होंने डीएम से ऐसे मामलों की गहन जांच कराने की मांग की।
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