हापुड़, सीमन/अमित कुमार (ehapurnews.com): जनपद हापुड़ का बेटा रविवार को उपचार के दौरान शहीद हो गया। अपनी ड्यूटी को हिम्मत से निभाने वाले हवलदार प्रदीप भाटी का अंतिम संस्कार मंगलवार को जनपद हापुड़ में हुआ जहां पार्थिव शरीर लाया गया। ड्यूटी के दौरान शहीद हुए प्रदीप भाटी के अंतिम दर्शन करने के लिए गांव सलारपुर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र के ग्रामीण भी इकट्ठा हुए और हाथ जोड़कर प्रदीप की हिम्मत की दात देते हुए अंतिम दर्शन किए। प्रदीप के पिता की आंखें भले ही अपने बेटे के पार्थिव शरीर को देख नम हो गई लेकिन उसे अपने बेटे पर गर्व है जिसने बुरी तरह जख्मी होने के बावजूद भी अपनी ड्यूटी को साहस के साथ निभाया।
जनपद हापुड़ के बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव सलारपुर के रहने वाले प्रदीप भाटी वर्ष 2006 में आर्मी में भर्ती हुए थे जोकि 103 ऐडी यूनिट में तैनात थे। चालक के पद पर तैनात हवलदार प्रदीप भाटी लगभग डेढ़ महीने पहले कुछ अधिकारियों को पानागढ़ से कोलकाता एमएच कमांडो अस्पताल ले जा रहे थे ल। रास्ते में वाहन अनियंत्रित हो गया और वह पलट गया जिससे प्रदीप गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रदीप के पिता ने बताया कि उसका बेटा हिम्मत नहीं हारा और उसने अधिकारियों का हौसला बढ़ाया।
सड़क हादसे के दौरान प्रदीप गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे एंबुलेंस के माध्यम से कमांडो अस्पताल में भर्ती कराया जहां प्रदीप की पांच सर्जरी हुई लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और रविवार की सुबह 5:37 पर प्रदीप ने अस्पताल में अंतिम सांसें ली।
मंगलवार को प्रदीप का पार्थिव शरीर गांव सलारपुर पहुंचा जहां सैकड़ों की संख्या में लोग तिरंगा लेकर पहुंचे और प्रदीप अमर रहे के नारों के साथ शहीद जवान को अंतिम विदाई दी। एक पिता ने भले ही अपना बेटा खोया है लेकिन उसे अपने बेटे की हिम्मत पर गर्व है।पूरे गांव की आंखें नम है। ग्रामीणों की आंखों से ऐसा लगता है कि शायद आज गांव के चूल्हे नहीं चलेंगे। गमगीन माहौल में जवान का अंतिम संस्कार गांव सलारपुर में किया गया।
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