हापुड़ में चुनाव के लिए हुआ जाति का इस्तेमाल
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर 26 अप्रैल को सम्पन्न हुए चुनाव के दौरान चुनाव पर असर डालने के लिए जाति का खुलकर इस्तेमाल हुआ जबकि चुनाव आयोग ऐसे प्रचार पर नजर रखने के आदेश दिए थे।
चुनाव आयोग ने जाँति आधारित सम्मेलनों एवं पंचायतों पर पैनी नजर रखने के साथ उनकी वीडियोग्राफी कराने का निर्देश दिया है। आयोग ने कहा कि यदि यह पाया जाता है कि चुनाव संबंधी प्रयोजन के लिए जाति का इस्तेमाल हो रहा है, तो आदर्श आचार संहिता एवं कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। इस प्रकार किसी के भी एकत्र होने की अनुमति यह संतुष्टि करने के बाद ही दी जाए।
इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, सातों पुलिस कमिश्नर और जिलों के पुलिस कप्तानों को आयोग के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा है। उन्होंने इस बाबत पत्र जारी किया है, जिसमें चुनाव की घोषणा के पश्चात जाति, धर्म या भाषा पर आधारित सम्मेलनों पर आदर्श आचार संहिता के प्राविधानों के अंतर्गत कार्यवाही करने को कहा गया है।
बता दें कि हाईकोर्ट ने वर्ष 2013 में जाति आधारित रैलियों पर अंतरिम रोक लगा दी थी। साथ ही, जाति आधारित रैलियों को आयोजित करने पर चारों प्रमुख दलों भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा से जवाब मांगा था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि जाति आधारित रैलियां आयोजित करने को उचित नहीं ठहराया जा सकता है। बहुसंख्यक समूहों के वोटरों को लुभाने के लिए राजनीतिक दलों की ऐसी अलोकतांत्रिक गतिविधियों के कारण देश में जातीय अल्पसंख्यक अपने आप में दूसरे दर्जे के नागरिकों की श्रेणी में आ गए हैं।
हापुड़ में खुल गई है आर्यन गेटवेज़ शूटिंग रेंज : 7668494749

























