एस०एस०वी० कॉलिज के अंग्रेजी विभाग में गोष्ठी का आयोजन
हापुड,वि(ehapurnews.com): अन्तःमन की पीड़ा की अभिव्यक्ति साहित्यकार एवम् साहित्य को जन्म देती है, यह विचार डॉ० विकास शर्मा (अध्यक्ष अंग्रेजी विभाग, चौ० चरणसिंह विश्वविद्यालय, मेरठ) ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जितने भी महान साहित्यकार हुए हैं, उनके जीवन में अनगिनत दुःखद घटनाएं घटित हुई, जिन्होंने उन साहित्यकारों को अपने विचार व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया। डॉ० विकास शर्मा एस०एस०वी० महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में एक गोष्ठी में साहित्य एवं साहित्यकार विषय पर बोल रहे थे। डॉ० शर्मा ने अनेक संस्कृत, अंग्रेजी एवं आधुनिक हिन्दी के साहित्यकारों का उदाहरण देते हुए कहा कि कालीदास ने अपने रघुवंशम महाकाव्य में इन्दुमति के असामयिक निधन पर राजा अज के शोक को अपने अर्न्तमन में भोगा होगा, तभी वह उनके शोक को व्यक्त कर सके।
इसी प्रकार अंग्रेजी के विख्यात नाटककार शेक्सपियर एवं शैली के विषय में उन्होंने बताया कि किस प्रकार शेक्सपियर और पी०बी० शैली ने अपने जीवन में समाज से, परिवार से मित्रों से अनेक प्रकार की प्रताड़नाओं की अनुभूति की जिनके कारण उनकी लेखनी अमर हो गयी और आज भी उनकी पीड़ा को असंख्य पाठकों एवं दर्शको द्वारा महसूस किया जाता है।
गोष्ठी के उद्घाटन के अवसर पर आयोजिका डॉ० रानी तिवारी ने डॉ० विकास शर्मा को पुष्प गुच्छ प्रदान करके उनका स्वागत किया। डॉ सुबोध शर्मा का स्वागत एम०ए० अंग्रेजी के छात्र रेहान ने गुलदस्ता प्रदार कर किया। इस अवसर पर एम०ए० अंग्रेजी प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के साथ प्राध्यापिका देवेन्द्र गौड एवं श्रीमति रजनी अग्रवाल उपस्थित थी। गोष्ठी का संचालन विभागाध्यक्ष डॉ० आर०के० शर्मा ने किया। परिचर भीम सिंह ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।
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