भ्रष्ट दरोगा से पहले रिश्वतखोर आबकारी निरीक्षक हो चुका है गिरफ्तार
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : जनपद हापुड़ के बाबूगढ़ में तैनात दरोगा सुरेंद्र कुमार को फरीदाबाद की विजिलेंस टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गुरुवार को दबोच लिया। बता दें कि इससे पहले 13 दिसंबर को आबकारी निरीक्षक भी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों विजिलेंस टीम द्वारा गिरफ्तार हुआ था। आपको बता दें कि मिर्जापुर के विद्यांचल के पकसेड़ा का निवासी आशुतोष दुबे साल 2016 में आबकारी निरीक्षक के पद पर भर्ती हुआ था जिसे लग्जरी जीवन जीने का शौक है। अपनी लग्जरी लाइफ जीने के लिए आशुतोष ने सारी हदें पार कर दी और अपने पद का दुरुपयोग कर लोगों से रिश्वत के रूप में हफ्ता वसूलने लगा लेकिन एक सेल्समैन ने आशुतोष दुबे की हरकत को सभी के सामने ला दिया और विजिलेंस टीम द्वारा रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कराया।
आशुतोष दुबे ने अपने निजी वाहन पर भी उत्तर प्रदेश सरकार लिखवाया हुआ था। अपना रौब झाड़ने के लिए उसने गाड़ी में आगे पुलिस की टोपी भी रखी हुई थी। अपने पद की आड़ में लोगों को डराने वाले आशुतोष दुबे को 13 दिसंबर को 12 सदस्यीय विजिलेंस की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा था।
गढ़ के गांव सादुल्लापुर निवासी सत्येंद्र सिंह से आबकारी का पूर्व निरीक्षक आशुतोष दुबे लगातार रिश्वत के तौर पर पैसों की मांग कर रहा था। इसी बीच उसने सत्येंद्र पर दबाव बनाया जिससे परेशान आकर सतेंद्र ने विजिलेंस विभाग को मामले की जानकारी दी थी। विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और आरोपी आशुतोष दुबे रिश्वत लेने के लिए अपनी निजी कार से पहुंचा। आशुतोष के आसपास विजिलेंस विभाग की टीम घूम रही थी जिसने पैसे लेते ही आशुतोष को दबोच लिया। बता दें कि अपने पद का दुरूपयोग करने वाले आशुतोष ने निजी कार पर एक चालक भी रखा हुआ था। चालक का पैसा और गाड़ी का पेट्रोल वह रिश्वत के पैसों से ही चुकाता था। इस कदर रिश्वत मांगने वाले की गाड़ी से विजिलेंस की टीम ने एक लाख रुपए भी अलग से बरामद किया था। आशुतोष दुबे की संपत्ति की जांच होनी चाहिए।

























