हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण के इंजीनियरों व प्रोपर्टी के धंधेबाजों के बीच एक ऐसा गठजोड़ बना है जिस कारण हापुड़ में भूमिगत भवनों व बहुमंजिल भवनों की श्रृंखला खड़ी हो गई है और हो रही है। जब शोर मचावा मचता है तो प्राधिकरण के इंजीनियर नोटिस देकर मामले को कम्पाउंड कर देते हैं और वह भी मानक के विपरीत है। अभी तक एक भी ऐसा उदाहरण नहीं है कि प्राधिकरण अवैध रुप से भवन को गिराया हो।
हापुड़ के मेरठ रोड पर संजय विहार कालोनी है, जो पूरी तरह से आवासीय है और इस कालोनी में व्यवसायिक गतिविधियां होना उत्तर प्रदेश आवास विकास की नियमावली के विरुद्ध है, परंतु आवासीय भवन व्यवसायिक भवनों में तब्दील होते जा रहें है।
हापुड़ के रेलवे रोड से संजय विहार कालोनी को जोड़ने वाला गेट नम्बर-73 पर रेल लाइन पर ओवर ब्रिज बना है। इस ब्रिज से संजय विहार कालोनी में उतरते ही दोनों ओर बहुमंजिले भवन खडे है और एक भवन का तो भूमिगत भी बना है। किस की शह पर ये भवन बने है और प्राधिकरण के इंजीनियरों ने इस ओर से आंखें कैसे मूंद ली। नियम और मानकों के विपरीत भवनों पर प्राधिकरण कैसे चुप्पी साधे है। अंडर ग्राउंड भवन बनने की अनुमति किस इंजीनियर ने दी यह प्रश्न खड़ा है।
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