
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने बुधवार को सीडीओ हापुड़ से मुलाकात की। किसान नेता एकलव्य सिंह सहारा ने कहा कि किसानों को उर्वरक वितरण पूर्ण पारदर्शिता के साथ खतौनी देखकर किया जा रहा है, ताकि वास्तविक किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके।
किसानों की ओर से प्रशासन के समक्ष निम्न मांगें एवं सुझाव प्रस्तुत किए गए —
किसानों को गुमराह करने वाले दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए।
इस दौरान बाबा कमल सिंह, विनय बाना, ममता शर्मा, संदीप चौधरी, मनिंदर मसंद, सुनील टाइगर, सचिन सिवाल, अखिल चौधरी, शाहरुख प्रधान, डॉ मतलूब, लकी त्यागी, राजकुमार त्यागी, अमरजीत सिंह, दयापाल सिंह, रवीन्द्र सिंह, लक्षिंदर सिंह, भूपेंद्र कुमार, सूरजवीर सिंह आदि उपस्थित रहे।
- सर्वर, मशीन या अन्य तकनीकी समस्या होने पर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाए, ताकि किसानों को परेशान न होना पड़े तथा कोई भी किसान बिना खाद लिए वापस न लौटे।
2. सभी खाद केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए एवं उपलब्ध स्टॉक की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए।
3. खाद केंद्रों पर सख्त निगरानी रखते हुए कालाबाज़ारी, अव्यवस्था, जबरन टैगिंग एवं किसानों के उत्पीड़न पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
साथ ही सहकारी बैंकों द्वारा दिए जाने वाले केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) ऋण पर ब्याज राहत संबंधी आदेशों में अस्पष्टता के कारण किसानों में भ्रम एवं असंतोष की स्थिति बनी हुई है। इस संबंध में किसानों की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं —
- जिला सहकारी बैंक गाजियाबाद द्वारा 3% ब्याज लाभ संबंधी स्पष्ट आदेश तत्काल जारी कर धरातल पर लागू किए जाएं।
2. शासनादेशानुसार समय पर ऋण अदायगी करने वाले किसानों को 3% ब्याज दर का लाभ तत्काल प्रभाव से दिया जाए।
3. समस्त बी-पैक्स समितियों एवं जिला सहकारी बैंक शाखाओं में सूचना-पट्ट एवं बैनर लगाकर किसानों को सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
4. किसानों को गुमराह करने वाले दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए।
इस दौरान बाबा कमल सिंह, विनय बाना, ममता शर्मा, संदीप चौधरी, मनिंदर मसंद, सुनील टाइगर, सचिन सिवाल, अखिल चौधरी, शाहरुख प्रधान, डॉ मतलूब, लकी त्यागी, राजकुमार त्यागी, अमरजीत सिंह, दयापाल सिंह, रवीन्द्र सिंह, लक्षिंदर सिंह, भूपेंद्र कुमार, सूरजवीर सिंह आदि उपस्थित रहे।
























