
गुरु रत्न टीचर्स अवॉर्ड्स 2026- नॉर्थ एडिशन में 500 शिक्षकों का सम्मान
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): डॉ. जे. रामचंद्रन मैरीटाइम फाउंडेशन, सिम्स एवं एएमईटी यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित भव्य समारोह में उत्तर भारत के शिक्षकों को मिला सम्मान
हापुड़, उत्तर प्रदेश: शिक्षा जगत में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों एवं शिक्षाविदों को सम्मानित करने के उद्देश्य से गुरु रत्न टीचर्स अवॉर्ड्स 2026 – नॉर्थ एडिशन का भव्य आयोजन सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (सिम्स), हापुड़ में अत्यंत गरिमामय वातावरण में किया गया। इस प्रतिष्ठित समारोह का आयोजन डॉ. जे. रामचंद्रन मैरीटाइम फाउंडेशन द्वारा सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एवं एएमईटी यूनिवर्सिटी, चेन्नई के सहयोग से किया गया।
इस विशाल सम्मान समारोह में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं बिहार सहित उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से लगभग 500 शिक्षक, शिक्षाविद, प्राचार्य एवं विद्यालय प्रमुख शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, शैक्षणिक नेतृत्व एवं छात्र विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
यह समारोह शिक्षकों की निस्वार्थ सेवा, समर्पण एवं राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देने का एक प्रेरणादायक मंच बना। पूरे कार्यक्रम के दौरान गर्व, प्रेरणा एवं उत्साह का वातावरण देखने को मिला, जहाँ विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए शिक्षकों ने एक-दूसरे के अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात डॉ. आर.के. सहगल, सीनियर एडवाइजर, सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, हापुड़ ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक समाज एवं राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला हैं तथा उनके योगदान को सम्मानित करना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रम्या रामचंद्रन, वाइस-चेयरपर्सन, सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, हापुड़ एवं मैनेजिंग ट्रस्टी, श्री अय्यनार एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट ने की।
अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षकों के अथक प्रयासों एवं युवा पीढ़ी के निर्माण में उनकी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही वास्तविक परिवर्तनकर्ता हैं, जो ज्ञान, संस्कार एवं प्रेरणा के माध्यम से समाज को नई दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों का सम्मान उन्हें और अधिक समर्पण एवं ऊर्जा के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. श्वेता पूठिया, जिला विद्यालय निरीक्षक, हापुड़ ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों की भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे मार्गदर्शक, परामर्शदाता एवं नवाचार के प्रेरक भी हैं। उन्होंने शिक्षकों को डिजिटल शिक्षा, नवाचार एवं छात्र-केंद्रित शिक्षण प्रणाली को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित श्रीमती सुशीला रामचंद्रन, मैनेजिंग ट्रस्टी, एएमईटी ट्रस्ट एवं सरस्वती अम्मल एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट ने सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल ज्ञान ही नहीं बल्कि अनुशासन, नैतिकता एवं जीवन मूल्यों की शिक्षा भी प्रदान करते हैं।
पूरा कार्यक्रम डॉ. जे. रामचंद्रन, संस्थापक एवं चेयरमैन, सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, हापुड़ तथा संस्थापक एवं चांसलर, एएमईटी यूनिवर्सिटी, चेन्नई के मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायी दृष्टिकोण में आयोजित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने एवं शिक्षकों को सम्मानित करने की उनकी पहल की सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने सराहना की।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भव्य सम्मान समारोह रहा, जिसमें शिक्षकों, प्राचार्यों एवं शिक्षाविदों को ट्रॉफी एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वालों में ऐसे शिक्षाविद शामिल रहे जिन्होंने शिक्षा, प्रशासन, नवाचार एवं छात्र मार्गदर्शन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
विभिन्न राज्यों से आए शिक्षकों एवं प्रतिभागियों ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सम्मान समारोह शिक्षकों को और अधिक उत्साह एवं प्रेरणा प्रदान करते हैं। कई प्रतिभागियों ने इसे शिक्षा जगत के लिए अत्यंत प्रेरणादायक पहल बताया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए शिक्षकों के बीच संवाद एवं नेटवर्किंग का अवसर भी प्राप्त हुआ, जहाँ आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, डिजिटल शिक्षा, शैक्षणिक नेतृत्व एवं समग्र छात्र विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
पूरे समारोह का आयोजन अत्यंत व्यवस्थित एवं पेशेवर ढंग से किया गया। आकर्षक मंच सज्जा, प्रभावशाली ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति एवं उत्कृष्ट प्रबंधन ने कार्यक्रम को और अधिक भव्य बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान उन शिक्षकों को विशेष भावनात्मक श्रद्धांजलि भी दी गई जिन्होंने अपने जीवन के कई दशक शिक्षा एवं समाज सेवा को समर्पित किए हैं। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने तालियों एवं खड़े होकर उनका सम्मान किया।
आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी विद्यालयों, संस्थानों, शिक्षकों, अतिथियों एवं सहयोगी टीमों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी इसी प्रकार के आयोजनों के माध्यम से शिक्षकों को सम्मानित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम का समापन एन. वर्धराजन, जनरल मैनेजर, सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, हापुड़ द्वारा धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।
गुरु रत्न टीचर्स अवॉर्ड्स 2026 शिक्षा जगत के लिए एक ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायक आयोजन के रूप में उभरा, जिसने यह संदेश पुनः स्थापित किया कि शिक्षक ही एक प्रगतिशील एवं सशक्त राष्ट्र की सबसे मजबूत नींव हैं।
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