
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ डिपो की बस यूपी 77N2693 रास्ते में खराब हो गई। इसके बाद यात्री को रोडवेज के चालक व परिचालक द्वारा रोडवेज़ की किसी अन्य वाहन के माध्यम से उनकी मंजिल तक नहीं पहुंचाया गया जिसके चलते कार्यक्रम में जब पीड़ित यात्री पहुंचे तो वह समाप्त हो चुका था जिसके बाद उन्होंने मामला जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में दाखिल किया तो आयोग ने यात्री के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विभाग को 45 दिन के अंदर टिकट के ₹280, शारीरिक, मानसिक आर्थिक क्षतिपूर्ति के लिए ₹5000 और परिवाद व्यय ₹5000 देने के निर्देश दिए।
आयोग के अध्यक्ष भोपाल सिंह, सदस्य राजीव कुमार सिंह, सदस्य संतोष रावत ने 16 मार्च 2026 को यह आदेश सुनाया और 45 दिनों के भीतर भुगतान करने के निर्देश दिए गए।
हापुड़ के जामा मस्जिद के पास मोहल्ला काजीवाड़ा के रहने वाले शफीउद्दीन पुत्र इस्लामुद्दीन ने दो साल पहले जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग हापुड़ में एक बाद दायर किया और आयोग को बताया कि वह 25 जनवरी 2024 को शाम करीब 4:30 बजे हापुड़ से दिल्ली जाने के लिए यूपी रोडवेज की बस में सवार हुए। मोहन नगर तक के लिए उन्होंने कुल चार टिकट खरीदे। प्रत्येक टिकट ₹70 के हिसाब से खरीदे। ऐसे में ₹280 का नकद भुगतान उन्होंने किया। जैसे ही बस डासना से निकली तो उसकी गति धीमी हो गई और कुछ ही दूरी पर बस झटका लेकर बंद हो गई। इसके बाद यात्रियों ने बस को सड़क किनारे खड़ा कराया। जब यात्री ने चालक व परिचालक से पूछा तो उन्होंने बताया कि हापुड़ डिपो की बस आएगी जिसमें सभी यात्रियों को बिठाया जाएगा लेकिन रात 8:00 बजे तक कोई बस नहीं आई। इसकी वजह से विपक्षी परिचालक ने उनके टिकट की धनराशि भी वापस नहीं की बल्कि उसने ₹8 प्रति टिकट वापस करने के लिए कहा जिसे परिवादी ने लेने से इंकार कर दिया। वह अपने खर्चे पर ऑनलाइन कैब बुक कर 3 घंटे की देरी से गंतव्य पर पहुंचे तो कार्यक्रम समाप्त हो चुका था जबकि यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी विभाग की थी। ऐसे में उन्होंने नोटिस भी भेजा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला जिसके बाद उन्होंने आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने यात्री के पक्ष में फैसला सुनाते हुए चार टिकट के ₹280, शारीरिक, मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति के लिए ₹5000 और परिवाद व्यय के लिए ₹5000 देने का निर्देश रोडवेज विभाग को दिया।


























