हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): जनपद हापुड़ की अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने सिंभावली थाने में आईपीसी की धारा 323, 324, 342, एससी एसटी एक्ट 3 (1) ध के तहत दर्ज एक मुकदमे में एक आरोपी को दोषी मानते हुए उसे तीन वर्ष के साधारण कारावास और 20 हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक एडवोकेट विनीता त्यागी ने बताया कि सिम्भावली थाने में 11 मार्च 2018 को गौरव पुत्र धर्मपाल सिंह निवासी गांव देवली सिंभावली की तहरीर पर गांव थाना के कपिल पुत्र राजकुमार तथा देवली के नूतन पुत्र सौदान और भरत पुत्र राजवीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि कपिल शर्मा 10 मार्च 2018 को उसके भाई अनिल को अपने साथ गाड़ी में बैठाकर ले गया और उसके मुंह में कपड़ा ठूस कर हाथ पैर बांधकर ब्लेड से बाएं हाथ का अंगूठा काट दिया। जब अनिल नहीं लौटा तो परिजनों ने उसे तलाशा तो वह कपिल शर्मा के घर गंभीर हालत में मिला। एफआईआर के अनुसार नूतन और भरत भी शामिल थे। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामला न्यायालय पहुंचा जहां अदालत ने शुक्रवार को कपिल शर्मा को दोषी मानते हुए तीन वर्ष के साधारण कारावास और 20000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
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