हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : जनपद हापुड़ की अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट हापुड़ श्वेता दीक्षित ने गुरुवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि एक महिला ने अपनी नाबालिक बेटी के साथ रेप का झूठा मुकदमा दर्ज कराया जिसके बाद न्यायालय ने आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया तथा पीड़िता की मां को झूठा मुकदमा दर्ज कराने के चलते 50,000 के अर्थदंड से दंडित किया है।
साल 2021 में जनपद हापुड़ के थाना हापुड़ कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अपने पड़ोसी अल्मास वकील पर आरोप लगाया की अलमास ने उसकी 13 साल की बेटी के साथ बलात्कार किया है। इसी के साथ डॉक्टर सेमू के साथ मिलकर पिछले वर्ष 16 जुलाई को रात के समय नाबालिका का गर्भपात करा दिया। नाबालिका की मां की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। न्यायालय तक मामला पहुंचा जहां सुनवाई के दौरान न्यायालय ने एक अहम फैसला सुनाया और आरोपियों को दोषमुक्त करते हुए पीड़िता की मां को 50 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। यदि एक सप्ताह के अंदर अर्थदंड की राशि अदा नहीं की तो महिला को छह महीने का साधारण कारावास भुगतना होगा।
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