
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): महात्मा गाँधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी, मोतिहारी, बिहार के पूर्व कुलपति व् चौ० चरण सिंह विश्विद्यालय, मेरठ में राजनीति विज्ञान के पूर्व प्रोफेसर व् विभागाध्यक्ष एवं इंडियन पॉलिटिकल साइंस एसोसिएशन के महासचिव और कोषाध्यक्ष, प्रोफेसर संजीव कुमार शर्मा ने जे०एम० एस० ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस हापुड़ में बी०एस०सी० (बायोलॉजी, मैथ्स, बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, कंप्यूटर साइंस, होम साइंस, एग्रीकल्चर) बी०ए०, बी०कॉम० एवं बी०ए०एल०एल०बी० प्रोग्राम्स के नवप्रेषित छात्र-छात्राओं के लिए ओरिएंटेशन कम इंडक्शन कार्यक्रम 2K26 का उद्घाटन किया।
स्थानीय- जे०एम०एस० ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस हापुड़ के तत्त्वावधान में ओरिएंटेशन श्रृंखला के तृतीया फेज में बी०एस०सी० (बायोलॉजी, मैथ्स, बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, कंप्यूटर साइंस, होम साइंस, एग्रीकल्चर) बी०ए०, बी०कॉम०, बी०ए०एल०एल०बी० प्रोग्राम्स के सात दिवसीय ओरिएंटेशन कम इंडक्शन कार्यक्रम का उद्धघाटन आज दिनांक 06/08/2026 को जे०एम०एस० ग्रुप के फाउंडर चैयरमेन राकेश सिंघल, सचिव डॉ० रोहन सिंघल, मेनेजिंग डायरेक्टर डॉ० आयुष सिंघल, महानिदेशक प्रोफेसर डॉ० सुभाष गौतम व् जे०एम०एस० वर्ल्ड स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ० निधि मलिक, जे०एम०एस० ग्रुप के प्राचार्य डॉ० धीरज सैनी तथा कार्यक्रम के बतौर मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता प्रोफेसर संजीव कुमार शर्मा, पूर्व कुलपति, महात्मा गाँधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी, मोतिहारी, बिहार के व् चौ० चरण सिंह विश्विद्यालय, मेरठ में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर & विभगाध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष, इंडियन पॉलिटिकल साइंस एसोसिएशन ने माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित करते हुए किया।
संस्थान के फाउंडर चैयरमेन श्री राकेश सिंघल ने अपने व्याख्यान मे सभी नवप्रेषित छात्र छात्राओ को शुभकामनाये देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए शुभाशीष आशीर्वाद दिया तथा अपने व्याख्यान में बताया कि यह समारोह छात्रों के लिए एक नई शुरुआत है, जिसमें उन्हें न केवल अकादमिक रूप से बल्कि व्यक्तिगत विकास के लिए भी तैयार किया जाएगा। इन कोर्सों के माध्यम से छात्र-छात्राएँ जीवन विज्ञान, गणितीय विश्लेषण, तकनीकी शिक्षा, विधि अध्ययन और वाणिज्यिक ज्ञान में दक्षता प्राप्त कर सकते हैं।
संस्थान के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर संजीव कुमार शर्मा ने अपने व्याख्यान में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में छात्रों को केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक सोच, नेतृत्व क्षमता और नैतिक मूल्यों की भी आवश्यकता है। यह भी कहा कि सभी छात्र-छात्राओं को अपने माता-पिता और शिक्षकों का आदर करना चाहिए। उन्होंने समझाया कि माता-पिता और शिक्षक ही वह आधार हैं, जिनकी मेहनत और मार्गदर्शन से छात्र जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं। उन्होंने छात्रों को यह संदेश दिया कि सम्मान और कृतज्ञता केवल नैतिक मूल्य नहीं हैं, बल्कि यह जीवन में आगे बढ़ने की सबसे बड़ी शक्ति है। माता-पिता का आदर करने से जीवन में धैर्य और संस्कार मिलते हैं, वहीं शिक्षकों का सम्मान करने से ज्ञान और मार्गदर्शन की प्राप्ति होती है। उनका वक्तव्य छात्रों के लिए एक गहरी सीख लेकर आया—कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के मूल्यों और संस्कारों से जुड़ी है। इस प्रकार, उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे अपने करियर की दिशा में आगे बढ़ते हुए हमेशा अपने माता-पिता और शिक्षकों को सम्मान दें और उनके मार्गदर्शन को जीवन में अपनाएँ।
संस्थान के महानिदेशक प्रोफेसर डॉ० सुभाष गौतम ने सात दिवसीय ओरिएंटेशन कम इंडक्शन कार्यक्रम का स्वागत संबोधन किया और बी०एस०सी० (बायोलॉजी, मैथ्स, बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, कंप्यूटर साइंस, होम साइंस, एग्रीकल्चर), बी०ए०, बी०कॉम० और बी०ए०एल०एल०बी० जैसे कार्यक्रम छात्रों को विविध क्षेत्रों में दक्षता प्रदान करते हैं। इन विषयों के अध्ययन से छात्र-छात्राएँ न केवल वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और विधि शिक्षा में योगदान कर सकते हैं, बल्कि वाणिज्य, सामाजिक सुधार और प्रशासनिक दक्षता में भी अपनी भूमिका निभा सकते हैं।
सभी प्रोग्राम्स के विभागाध्यक्षों ने पाठ्यक्रम से संबंधित सभी अकादमिक गतिविधियों, सिलेबस तथा विश्वविद्यालय की मूल्यांकन योजना पर विस्तृत प्रस्तुति दी। परीक्षा प्रभारी एवं एंटी-रैगिंग प्रभारी अंकित नगर ने समूह की प्रशासनिक गतिविधियों की समीक्षा की। ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट हेड पुनीत शर्मा ने संस्थान के प्लेसमेंट रिकॉर्ड तथा विभिन्न कंपनियों के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ० धीरज सैनी ने सभी गणमान्य अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्थान के सभी प्राचार्यों, प्राध्यापकों एवं स्टाफ का पूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम का सफल संचालन जे०एम०एस० ग्रुप की प्राध्यापिका श्रीमती काजल सिद्धू ने किया। संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी पवन शर्मा तथा सांस्कृतिक समिति की अध्यक्ष अंकिता शर्मा का योगदान सराहनीय रहा।





















