
हापुड़ में हरी सब्जियों में भारी मंदा, किसान को नुकसान
हापुड़, सीमन/अशोक तोमर (ehapurnews.com): हापुड़ मंडी में हरी सब्जियों की भारी लोकल आवकें होने से भाव टूट रहे हैं और आमतौर पर सभी हरी सब्जियों के भाव 4-₹10 प्रति किलो बोले जा रहे हैं और लौकी व सीताफल की तो मिट्टी पलीत हो रही है। लौकी व सीताफल तो गौशाला में पशुओं के चारे में जा रही है। हरी सब्जियों की भरपूर आवकें होने से कई बार माल बिना बिके रह जाते हैं। हरी सब्जियों के भावों में निरंतर मंदी चलने के कारण किसान भारी नुकसान में है और किसान को लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है।
हापुड़ के नवीन स्थल सब्जी मंडी में लौकी, तोरी, सीताफल, टमाटर, करेला, हरी मिर्च, भुट्टा, बैंगन, गोभी, आलू, सेंद, रमास आदि की भारी आवके हुई है और मांग व सप्लाई में भारी अंतर के कारण सब्जियों के भाव नरम रहे और आमतौर पर हरी सब्जियों के भाव कर ₹4-10 प्रति किलो तक बोले गए। किसान को फसल का वाजिब दाम न मिलने से नुकसान है। हापुड़ मंडी में थोक लाइसेंसदारों से सब्जी खरीद कर बेचने वालों को मांसाहार कहा जाता है। मांसाहार से ठेले वाले व छोटे दुकानदार खरीद कर ले जाते हैं इसलिए उपभोक्ता तक पहुंचने में भाव चार गुना हो जाते हैं।
बता दे कि मांसाहार पर मंडी समिति हापुड़ से कोई वैद्य लाइसेंस नहीं है बस वह तो दबंगई के बल पर चबूतरे पर सब्जी बेचते हैं और भोले-भाले छोटे दुकानदारों से मंडी शुल्क तक वसूल लेते हैं।
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