
दशलक्षण महापर्व के दूसरे दिन उत्तम मादृव धर्म पर चर्चा हुई
हापुड, सीमन/सुरेश जैन(Ehapurnews.com): दिगम्बर जैन समाज के पर्युषण दशलक्षण महापर्व मे नगर के तीनो दिगम्बर जैन मंदिरो मे प्रातःकाल प्रक्षाल शान्तिधारा कराई गयी तथा विधान पाठ पूजन हुआ।
श्री 1008 आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कसेरठ बाजार पर सागानेर, मध्य प्रदेश से पधारे प्रतिष्ठाचार्य रोहित जैन शास्त्री ने विधान पाठ की पूजा सम्पन्न कराई तथा सगीतज्ञ विकास भारद्वाज,मवाना ने संगीत दिया। जैन विद्धान रोहित जैन शास्त्री ने कहा कि धर्म के दशलक्षण महापर्व मे आज उत्तम मादृव धर्म का दिन है उत्तम मादृव का अर्थ है अहंकार, मान न करना। अहंकार मनुष्य के पतन का सबसे बड़ा कारण हमे अहंकार नही करना चाहिए, हम संसार की जिन भौतिक सम्पदाओ पर अहंकार, मान, अभिमान करते हैं वे सभी नाशवान हैं मनुष्य के साथ केवल उसका पुण्य ही जाता है उसी की कमाई करना चाहिए।
पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर मे आचार्य 108 नमोस्तु सागर जी महाराज के सानिध्य मे विधान पाठ मे बैठकर जैन भक्तो ने पूजन किया। नमोस्तु भवन पर ‘ मोन की महिमा ‘ नाटिका प्रस्तुत की गई और आचार्य नमोस्तु सागर जी ने लघु प्रतिक्रमण कराया।
समोशरण दिगम्बर जैन मंदिर शकंर गंज पर भी विधान पाठ का आयोजन हुआ।
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