
सरस्वती कॉलेज ऑफ नर्सिंग की भव्य रैली से गूंजा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश
हापुड़, सीम/रियाज़ अहमद (ehapurnews.com): विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर 550 नर्सिंग एवं पैरामेडिकल विद्यार्थियों ने निकाली भव्य जागरूकता रैली, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर करने का किया आह्वान
सरस्वती कॉलेज ऑफ नर्सिंग, हापुड़ द्वारा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर 10 अक्टूबर 2026 को एक भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “लिव्ड एक्सपीरियंसेज़ हर्ड: रियल वॉइसेज़, रियल चेंज” के अंतर्गत आयोजित रैली का उद्देश्य आमजन को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, मानसिक समस्याओं की समय रहते पहचान, उचित परामर्श एवं उपचार को प्रोत्साहित करना तथा मानसिक बीमारियों से जुड़े सामाजिक कलंक और भेदभाव को समाप्त करना था।
रैली का शुभारंभ प्रातः 8:00 बजे पिलखुवा स्थित रामलीला मैदान से हुआ। रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, अनवरपुर पहुंची। इस भव्य जागरूकता अभियान में लगभग 550 नर्सिंग एवं पैरामेडिकल विद्यार्थियों तथा 50 शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में जागरूकता संदेशों से सजी तख्तियां लेकर विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता, तनाव प्रबंधन और समय पर विशेषज्ञ सहायता लेने का संदेश दिया।
यह कार्यक्रम सरस्वती कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्या प्रो. (डॉ.) आर. पिरामिला के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में केतन शर्मा, उप-प्राचार्य; प्रो. अनीता रानी, विभागाध्यक्ष, मानसिक स्वास्थ्य नर्सिंग विभाग (एचओडी, एमएचएन); तथा यशस्वी, एसोसिएट प्रोफेसर एवं सांस्कृतिक प्रमुख का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी), हापुड़ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ मुनीश चंद, क्षेत्राधिकारी (सीओ), पिलखुवा; लक्ष्मी कांत, सर्किल इंस्पेक्टर (सीआई), पिलखुवा; ऋषि पाल सिंह, निदेशक, विधिक विभाग; कृष्णराज, जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ); तथा दीपक शर्मा, मीडिया मैनेजर, सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) आर. पिरामिला ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संपूर्ण स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता का अभिन्न अंग है। उन्होंने मानसिक समस्याओं के शुरुआती लक्षणों को पहचानने, समय पर विशेषज्ञों की सहायता लेने तथा ऐसा सकारात्मक वातावरण बनाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति बिना किसी भय, संकोच या भेदभाव के अपनी मानसिक परेशानियों के बारे में बात कर सके।
विशेष संबोधन में लक्ष्मी कांत, सर्किल इंस्पेक्टर, पिलखुवा ने पुलिसकर्मियों के कार्यक्षेत्र में आने वाले मनोवैज्ञानिक तनाव और व्यावसायिक चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उचित सहायता के महत्व को रेखांकित किया।
रैली में बी.एससी. नर्सिंग के प्रथम, तृतीय, पंचम, सप्तम एवं अष्टम सेमेस्टर; जीएनएम प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष; एएनएम प्रथम एवं द्वितीय वर्ष तथा पैरामेडिकल प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। बी.एससी. नर्सिंग पंचम सेमेस्टर की छात्राओं तान्या एवं दिव्या ने भी विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश प्रस्तुत किए तथा सहानुभूति, जागरूकता, समय पर हस्तक्षेप और सामुदायिक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज पहुंचने पर प्रतिभागियों को संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संबोधित किया। इस दौरान ब्रिगेडियर डॉ. आर. के. सहगल, वरिष्ठ सलाहकार; एन. वर्धराजन, जनरल मैनेजर; रघुवर दत्त, निदेशक, प्रशासन; लुक्रिसिया रुपावथी, एचआर; रितु अय्यर, ऑपरेशंस मैनेजर; ऋषि पाल सिंह, निदेशक, विधिक विभाग; कृष्णराज, जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ); तथा दीपक शर्मा, मीडिया मैनेजर उपस्थित रहे। वक्ताओं ने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और विद्यार्थियों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के भावनात्मक कल्याण के लिए जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ नर्सिंग ट्यूटर लिजी चौधरी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. आर. जयप्रिया, मानसिक स्वास्थ्य नर्सिंग विभाग ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सहयोग और सहभागिता के लिए अतिथियों, संस्थान के नेतृत्व, शिक्षकों एवं आयोजन टीम को स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए।
सरस्वती कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्या प्रो. (डॉ.) आर. पिरामिला ने सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. जे. रामचंद्रन तथा वाइस चेयरपर्सन डॉ. रम्या रामचंद्रन के मार्गदर्शन एवं सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह भव्य रैली पिलखुवा क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही। इसके माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना, जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की सहायता लेना और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार अपनाना अत्यंत आवश्यक है। सरस्वती कॉलेज ऑफ नर्सिंग ने इस आयोजन के माध्यम से जनस्वास्थ्य शिक्षा, सामुदायिक सहभागिता और मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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