
हापुड़ के पिलखुवा में बड़ा फर्जीवाड़ा: 13.27 करोड़ की जीएसटी चोरी, कागजों पर करोड़ों का कारोबार पर फर्म गायब
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ जनपद के पिलखुवा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कागजों पर तो करोड़ों का कारोबार दिखाया गया, लेकिन जब हकीकत की जाँच की गई तो फर्म का कोई अता-पता ही नहीं मिला! सीजीएसटी विभाग (CGST) की विशेष अनुसंधान शाखा ने लगभग 13.27 करोड़ रुपये की भारी-भरकम जीएसटी चोरी और फर्जीवाड़े का खुलासा किया है।
पिलखुवा की ‘आरके ट्रेडर्स’ नाम की फर्म ने 27 मई 2025 को गार्मेंट्स की खरीद-बिक्री के नाम पर जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराया था। इसके बाद मई 2025 से नवंबर 2026 के बीच इस फर्म ने 50.62 करोड़ रुपये का भारी-भरकम टर्नओवर दिखाया और इसके आधार पर 11.85 करोड़ रुपये की कर देयता को बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से समायोजित कर लिया। मामला तब खुला जब विशेष अनुसंधान शाखा रेंज-बी, गाजियाबाद की टीम ने 5 नवंबर 2026 को मौके पर जाकर जाँच की। घोषित पते पर फर्म का कोई वजूद नहीं मिला और आसपास के लोगों ने भी व्यापारिक स्थल के अस्तित्व से इनकार कर दिया, साथ ही फर्म मालिक अमित कुमार का फोन भी बंद पाया गया।
जाँच में सामने आया है कि इस फर्म ने राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, मेरठ और प्रयागराज की फर्जी व अस्तित्वहीन फर्मों से कुल 11.44 करोड़ रुपये का बोगस आईटीसी हासिल किया और इसे दिल्ली की फर्मों को पास ऑन किया।
राजस्व हित को सुरक्षित रखते हुए विभाग ने फर्म के क्रेडिट लेज़र में मौजूद 62.19 लाख रुपये की आईटीसी को तत्काल ब्लॉक कर दिया है और इसे पूरी तरह निरस्त करने के लिए केंद्रीय प्राधिकारी को पत्र भेजा है। इसके अलावा, फर्म द्वारा 1.83 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आईटीसी क्लेम कर रिटर्न दाखिल करने का मामला भी सामने आया है। सीजीएसटी विभाग ने आरोपी फर्म मालिक अमित कुमार के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही, इस फर्जी नेटवर्क में शामिल अन्य फर्मों के अधिकारियों को भी पत्र भेजे जा रहे हैं। इस पूरी जाँच टीम में उपायुक्त विमल कुमार और राज्यकर अधिकारी सतीश त्रिपाठी शामिल रहे।
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