
गुरूज्ञान का श्रवण तथा अनुपालन श्रावक के सभी दुखो को दूर करता है:-महामुनि विमर्श सागर
हापुड, सीमन/सुरेश जैन (Ehapurnews.com): भावलिगी दिगम्बर मुनिराज श्री 108 विमर्श सागर जी ने जैन सन्त भवन पर जैन भक्तो को प्रवचन देते हुए कहा कि गुरूज्ञान का श्रवण करना और उसका जीवन मे अनुपालन करने से मानव को सभी प्रकार के दुखो से छुटकारा मिल सकता है। श्रावको को गुरू द्वारा बताई गई ज्ञान की बातो को केवल सुनना ही पर्याप्त नही है जीवन मे उन्हे अपनाकर मोक्ष मार्ग की ओर बढ़ना है।मुनिराज द्वारा जैन धर्म की शिक्षाओ पर आधारित 10 प्रश्न पूछे गए तथा सही उत्तर देने वालो को पारितोषिक प्रदान किए गए। प्रातःकाल अभिषेक शान्तिधारा कराई गई। जैन भक्तो ने श्रद्धांपूर्वक आरती की।मुनिराजो तथा माताजी की आहार चर्या मे अनेक जैन भक्त उपस्थित हो रहे हैं।
जैन समाज के अध्यक्ष सुधीर जैन, उपाध्यक्ष पुलकित जैन, महामंत्री अशोक जैन, मंत्री आकाश जैन, संरक्षक अनिल जैन, संरक्षक सदस्य सुधीर जैन, चेयरमैन प्रदीप जैन, सुशील जैन, सुरेश चन्द जैन, अभिषेक जैन, नितिन जैन, सचिन जैन, सजींव जैन, राजीव जैन, सुबोध जैन, अकुंश जैन, आर के जैन एडवोकेट, बीनू जैन एडवोकेट, अलका जैन, बबीता जैन, विनोद बाला जैन, प्रभा जैन, मधु जैन, रेणुका जैन, मंजू जैन, मगन जैन, दीपाली जैन, दीपा जैन, निशा जैन सहित अनेक जैन भक्त उपस्थित हुए।
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