
गन्ना दूसरे जिलों को स्थानांतरित करने से किसानों में भारी रोष
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): बृजनाथपुर शुगर मिल के प्रबंधकों से नवनियुक्त एनसीआर अध्यक्ष युवा एकलव्य सिंह सहारा के नेतृत्व में भारतीय किसान यूनियन टिकैत का प्रतिनिधिमंडल मिला। किसानों ने कहा कि जिला हापुड़ की सभी शुगर मिलों को यह समझना होगा कि किसान पहले से भारी नुकसान झेल रहा है। बृजनाथपुर एवं सिंभावली शुगर मिल का लगभग 70 लाख क्विंटल गन्ना दूसरे जिलों को स्थानांतरित कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी रोष है।
अधिकारियों से वार्ता के बाद जानकारी मिली कि अनुराग गोयल (IRP) का कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और इस विषय में डीसीओ हस्तक्षेप न करें। वहीं जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि उन्हें चीनी बिक्री के 15 प्रतिशत अंश के खर्च किए जाने को लेकर संदेह है। इस संबंध में दो बार नोटिस भी जारी किया गया, लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।
एकलव्य ने कहा कि किसानों को इससे कोई मतलब नहीं कि कौन क्या कर रहा है, लेकिन सरकार और प्रशासन की गुमराह करने वाली नीतियों का नुकसान केवल किसान को उठाना पड़ रहा है। किसानों ने सिर्फ वही मिल देखी है जहां उनका गन्ना जाता है, बाकी तकनीकी और कानूनी बातों से किसानों का कोई लेना-देना नहीं है। प्रतिंधिमंडल ने कहा पश्चिम उत्तर प्रदेश, जिसे गन्ना बेल्ट कहा जाता है, वहां के किसानों ने अब गन्ना लगाना भी कम कर दिया है क्योंकि उन्हें समय पर भुगतान और उचित व्यवस्था नहीं मिल रही। इस गंभीर विषय पर जल्द गांव-गांव जाकर किसानों से वार्ता की जाएगी और आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। किसानों के बच्चों की स्कूल-कॉलेज फीस तक नहीं जा पा रही है। एडमिशन का समय चल रहा है और प्रशासन इस विषय पर भी ध्यान दे। इस दौरान भवेंद्र सिसोदिया, विनय बाना, ललित चौधरी, मनिन्दर मसंद, शेखर चौधरी, डॉ मतलूब, सूरजवीर सिंह, अनिल चौधरी, विनोद धारीवाल, सुनील टाइगर, गौरव चट्ठा उपस्थित रहे।
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