
तपती गर्मी से बढ़ी गन्ने के जूस की डिमांड
हापुड़, सीमन/अशोक तोमर (ehapurnews.com): पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शुगर मिलों में गन्ने का वर्तमान पिराई सत्र बंद हो गया है, परंतु खेतों में पर्याप्त एरिया में गन्ना खडा है जो गन्ने की वैरायटी-19 है। किसान भीषण गर्मी में गन्ने की कटाई और सफाई करके गन्ने के रस विक्रेताओं को 800-1000 रुपए प्रति क्विंटल बेच रहा है। किसान का कहना है कि किसान को अधिक एरिया में वैरायटी-19 का गन्ना बोना चाहिए, इससे किसान को दोहरा लाभ मिलता है। एक तो गन्ने का वाजिब दाम मिलता है, दूसरे मवेशियों के लिए हरे चारे की उपलब्धता बनी रहती है।
दिल्ली, एनसीआर क्षेत्र मे गन्ने का रस, गन्ने का जूस के नाम से अधिक पोपुलर है और ग्राहक, दुकानदार से गन्ने का जूस कह कर ही मांगता है। जगह-जगह गन्ने के जूस के ठिकाने व ठेलियों पर लगी ग्राहकों की भीड़ बताती है कि भीषण गर्मी में गन्ने का जूस पीने से उन्हें राहत मिल रही है। आसमान से बरस रही आग के कारण गन्ने के जूस की मांग बढ़ रही है। गन्ना जूस विक्रेता का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण गन्ने के जूस की डिमांड बढ़ी है और उन्हें 800-1000 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गन्ना सहज ही उपलब्ध हो रहा है।
हापुड़: पायल डिजाइनर कलेक्शन से होलसेल दामों पर खरीदे लेडीज़ कलेक्शन: 7417105068
























