
बीमा के 50 लाख रूपए हड़पने के लिए जिंदा व्यक्ति को मृत घोषित किया
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): धन के लालच में आज मनुष्य इतना अंधा हो चुका है कि उसे यह नहीं पता कि जिस धन को हड़पने के लिए वह मकड़जाल बना रहा है उस मकड़जाल में वह स्वयं भी फंस सकता है। ऐसा ही एक उदाहरण जनपद हापुड़ के पौराणिक तीर्थ स्थल ब्रजघाट पर गंगा किनारे देखने को मिला। दिल्ली के एक परिवार ने बीमा के 50 लाख रुपए हड़पने के लिए जिंदा व्यक्ति को मृत घोषित कर उसके शव के स्थान पर एक पुतले को चिता पर रखकर अंतिम संस्कार की पूरी तैयारी कर ली, परंतु नगर पालिका गढ़मुक्तेश्वर के एक कर्मचारी की सतर्कता के कारण पोल खुल गई। परिषद के इस कर्मचारी की ड्यूटी बृजघाट के श्मशान घाट पर थी।
ये था मामला दरअसल दिल्ली के कैलाशपुरी कॉलोनी निवासी कपड़ा व्यापारी कमल सोमानी और उसका साथी दिल्ली की जैन कॉलोनी निवासी आशीष खुराना कार में एक शव लेकर ब्रजघाट पहुंचे। दोनों ने अंतिम संस्कार के लिए टाल से लकड़ी और अन्य सामग्री खरीद कर चिता तैयार की। इसके बाद कार से शव को निकाल कर उस पर रख दिया। दोनों आरोपी शव में आग लगाने की तैयारी कर ही रहे थे लेकिन सिर्फ दो लोग होने पर नगर पालिका गढ़मुक्तेश्वर में कार्यरत पालिकाकर्मी नितिन को शक हुआ तो उसने मृतक का चेहरा दिखाने के लिए कहा। नियम अनुसार मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए नगर पालिका के कर्मचारी की ओर से मृतक का नाम पता दर्ज किया जाता है। इस बीच कमल सोमानी और आशीष खुराना सकपका गए। नितिन ने कफन हटा कर देखा तो मानव के शव के स्थान पर प्लास्टिक की डमी दिखाई दी। चेहरा खोलते ही स्थिति स्पष्ट हो गई और फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
जांच में पता चला है कि कमल दिल्ली के करोल बाग में कपड़े का कारोबार करता है। कोरोना काल में उसके पिता और दो भाइयों की मौत हो गई थी। इसके बाद उसके कारोबार पर गहरा असर पड़ा और करीब 50 लाख रुपए का कर्जा हो गया। कर्ज चुकाने के लिए उसने यह षड्यंत्र रचा। उसकी दुकान पर उड़ीसा निवासी अंशुल का भाई नीरज कुछ समय के लिए काम करने आया था। उसने किसी बहाने से नीरज से अंशुल का पैन कार्ड और आधार कार्ड ले लिया और उसका ऑनलाइन बीमा कराया। करीब एक साल पहले उसका बीमा कराया जिसकी किस्त वह जमा कर रहा था। अंशुल की मौत पर उसे 50 लाख रुपए का क्लेम मिलता जिसका मकसद अंशुल का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर बीमा की रकम को हड़पने था। ऐसे में उसने फर्जी वाड़ा रचा जिसका भेद खुल गया।आरोपियों की कार से दो अन्य डमी भी बरामद हुई हैं।
Brainwaves International School: Admissions Open 2025-26 (Playgroup – Grade XI)

























