हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : हाल ही में घोषित हुए यूपीएससी के परिणामों से कई चेहरों पर खुशी देखने को मिली. उन्हीं में से एक है हापुड़ में तैनात समाज कल्याण अधिकारी और हापुड़ में राजकीय आईएएस पीसीएस कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर रिंकू सिंह राही जिनके यहां तक की सफलता के पीछे एक दर्दनाक दास्तां छिपी है. अलीगढ़ निवासी रिंकू सिंह राही के पिता आटा चक्की चलाते हैं जो कि आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं. समाज कल्याण अधिकारी रिंकू सिंह ने यहां तक का सफर तय करने के लिए कड़ा परिश्रम किया है जिन्होंने प्राथमिक पढ़ाई बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों से की और सरकारी इंटर कॉलेज से इंटर की परीक्षा पास की जहां बढ़िया नंबर हासिल करने पर उन्हें स्कॉलरशिप मिली. कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने बीटेक किया और 2008 में पीसीएस में रिंकू का चयन हो गया. रिंकू सिंह राही को क्या पता था कि इमानदारी से नौकरी करना उनके लिए चुनौती बन जाएगा. रिंकू की पहली तैनाती मुजफ्फरनगर में बतौर समाज कल्याण अधिकारी के रूप में हुई जहां उन्होंने मेहनत और लगन के साथ कार्य किया और निडरता के साथ भ्रष्टाचारों का खुलासा करते हुए एक घोटाला उजागर कर दिया. 83 करोड़ के घोटाले को उजागर करने के बाद उन पर जानलेवा हमला हुआ और एक दिन उन पर कहर बनकर टूट गया. जब कई राउंड गोलियां रिंकू पर बरसाई गई. रिंकू को 7 गोलियां लगी थी. इस दौरान उनका पूरा चेहरा विकृत हो गया. किस्मत अच्छी होने की वजह से उनकी जान बच गई लेकिन रिंकू ने हार नहीं मानी और निडर होकर अपनी ड्यूटी करते रहे.
ईमानदारी के साथ ड्यूटी करने वाले रिंकू सिंह राही आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रयास करते रहे और 2021 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा दी. परिणाम घोषित होने पर रिंकू ने देश में 683 वीं रैंक हासिल कर परीक्षा को उत्तीर्ण कर लिया. रिंकू का कहना है कि वह निडर होकर अपनी ड्यूटी करते रहेंगे.




























