एक कहावत तो आपने सुनी ही होगी कि नेकी कर और दरिया में डाल…. ठीक वैसा ही नज़ारा दिखा स्वर्गआश्रम रोड पर जहां शमशान घाट के पास पिछले कई दिनों से डस्टबिन नाले में पड़े हैं। दिन पर दिन ये डस्टबिन नाले में समाते जा रहे हैं… लेकिन पालिका को इसकी फिक्र ही नहीं क्योंकि ये पैसा जनता का जो है…. जब ehapurnews की टीम ने शहर का जायजा लिया तो देखा कि ए.के.पी कॉलेज के बाहर लगे डस्टबिन भी लुढ़के हुए नज़र आए। यहीं तस्वीर इंद्रलोक के साथ-साथ कई जगह दिखी।
आखिर सवाल ये खड़ा होता है कि जो कर्मचारी कूड़ेदान से कूड़ा लेने जाता है वह किस तरह अपनी ड्यूटी कर रहा है?
लगता है कि नगर पालिका में चेयरमैन साहब से लेकर कर्मचारी तक किसी को भी कोई सुध ही नहीं है। दरअसल शहर में सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जनता के लाखों रुपए खर्च कर डस्टबिन लगाए गए और खूब फोटो भी खीचवाई गई और मीडिया की सुर्खियों में भी छाए लेकिन पालिका के रवैये से लग रहा है कि इस नेकी को नाले और कूड़े में डालने का समय आ चुका है।
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समाजसेवी स्व. श्री राजकृपाल जी के द्वितीय स्मृति दिवस पर श्रद्धासुमन:

























