
25 अक्टूबर रविवार को मनाई जाएगी शरद पूर्णिमा
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): अमृतयुक्त चन्द्रकिरण में खीर रखकर जागरण के साथ शरद पूर्णिमा पर्व 25 अक्टूबर रविवार को मनाया जायेगा इसे कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा अध्यक्ष ज्योतिर्विद पंडित के0 सी0 पाण्डेय काशी वाले ने बताया कि आश्विन शुक्ल पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को दोपहर 11.56 बजे से प्रारम्भ होकर 26 अक्टूबर सुबह 9.40 बजे तक रहेगी जबकि चंद्रोदय सूर्यास्त से पूर्व सायं 4.53 बजे से प्रारम्भ होकर 26 अक्टूबर को सुबह 6.24 तक रहेगा अर्थात 25 अक्टूबर की पूरी रात अश्विनी नक्षत्र एवं सर्वार्थसिद्धि योग में जागरण कर माँ लक्ष्मी पूजन किया जाएगा पौराणिक मान्यतानुसार आश्विन शुक्ल पूर्णिमा के दिन ही समुद्र मंथन से लक्ष्मीजी निकली थी रात्रिकाल में घर घर भ्रमण करती है तथा निशीथकाल में पूजन कर रहे व्यक्ति को धन समृद्धि प्रदान करती है लक्ष्मीपूजन के लिए विशेष शुभ मुहूर्त रात्रि 10.22 पर भद्रासमाप्ति के बाद रात्रि 11.37 बजे से तड़के 3.38 तक लगातार है श्रीसूक्त, कनकधारा स्तोत्र एवं श्रीलक्ष्मी मंत्र का जप करें, इस दिन चन्द्रमा 16 कलाओं से युक्त होकर धरती के सबसे निकट होता है तथा चन्द्रमा की किरणों से अमृत की वर्षा होती है वृन्दावन के निधिवन में आज ही के दिन भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों संग महारास किया था शरद पूर्णिमा को खीर बनाकर भगवान को अर्पण व चन्द्रमा की रोशनी में रातभर रखकर भजन कीर्तन जागरण कर अगले दिन खाने का विधान है इससे शरीर पुरे वर्ष निरोग व स्वस्थ रहता है श्री सत्यनारायण व्रत कथा चन्द्रोदय युक्त पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को ही किया जाएगा तथा सूर्योदय में पूर्णिमा तिथि प्राप्त होने से बाल्मीकि जयंती एवं स्नान दान की पूर्णिमा 26 अक्टूबर सोमवार को रहेगा।
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