
श्रावण मास 30 जुलाई दिन गुरुवार से प्रारंभ पूजन नियम,मंत्र,पूजन सामग्री जाने ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय से 9634408321
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): देवलोक कॉलोनी स्थित श्री ज्योतिष कार्यालय से ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय ने बताया श्रावण मास 30 जुलाई दिन गुरुवार से प्रारंभ हैं ! यह मास भगवान भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना के लिए सर्वोत्तम माना गया है। यह मास वर्षा ऋतु में आता है और प्रकृति के साथ-साथ मनुष्य के जीवन में भी नवीन ऊर्जा का संचार करता है। वैदिक पंचांग में यह पाँचवाँ महीना है।श्रावण भगवान शिव का अत्यंत प्रिय मास हैं। इस पूरे महीने शिवजी की पूजा, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप.नमः शिवाय जाप और शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।इस मास में किए गए जप, तप, दान और व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है।अविवाहित कन्याएँ योग्य वर की प्राप्ति तथा विवाहित महिलाएँ अखंड सौभाग्य के लिए श्रावण के सोमवार का व्रत रखती हैं।
ज्योतिर्विद प्रीति पाण्डेय ने बताया
समुद्र मंथन के समय निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने संसार की रक्षा के लिए अपने कंठ में धारण किया। विष की तीव्रता कम करने के लिए देवताओं ने उन पर निरंतर जल अर्पित किया। इसी कारण श्रावण में शिवलिंग पर जल, दूध, गंगाजल आदि चढ़ाने की परंपरा प्रचलित हुई।प्रातः स्नान करके शिवलिंग पर जल, गंगाजल, दूध, दही, शहद आदि से अभिषेक करें।बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, भांग और सफेद चंदन अर्पित करें। नमः शिवाय तथा महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।शिव चालीसा, रुद्राष्टकम और शिव पुराण का पाठ करें।ब्राम्हण,जरुरतमंदो को अन्न, वस्त्र और दक्षिणा का दान दें।यदि संभव हो तो कांवड़ लाकर शिवजी का जलाभिषेक करें!मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से बचें।क्रोध, झूठ, निंदा और हिंसा से दूर रहें।ब्रह्मचर्य एवं सात्विक जीवन का पालन करें।
घर और मंदिर में स्वच्छता बनाए रखें।श्रावण केवल व्रत और पूजा का महीना नहीं, बल्कि संयम, भक्ति, सेवा, दया, आत्मशुद्धि और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भी संदेश देता है। इस मास में भगवान शिव की सच्चे मन से आराधना करने से मन की शांति,आध्यात्मिक उन्नति और जीवन में सकारात्मकता का अनुभव होता है।श्रावण प्रारंभ30 जुलाई गुरुवार,पहला श्रावण सोमवार 3अगस्त, दूसरा श्रावण सोमवार 10 अगस्त,तीसरा श्रावण सोमवार 17 अगस्त,चौथा श्रावण सोमवार 24 अगस्त,श्रावण कृष्ण शिवरात्रि11अगस्त दिन मंगलवार शास्त्रोक्त हैं !
नोट :- शिवजी को प्रिय सामग्री
गंगाजल,गाय माता का कच्चा दूध,दही,शहद,घी.शक्कर,भस्म,बेलपत्र (तीन पत्तियों वाला).धतूरा,भांग,आक के पुष्प,सफेद चंदन,कमल का फूल,गुलाब का फूल,दूबघास इत्यादि !
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🚩श्री ज्योतिष कार्यालय🚩
ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय
देवलोक कॉलोनी हापुड़
ज्योतिष एवं कर्मकाण्ड विशेषज्ञ
सम्पर्क सूत्र 9634408321
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