

हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): देवलोक कॉलोनी स्थित श्री ज्योतिष कार्यालय पर 23 जुलाई दिन गुरुवार को प्रेम प्रकाश मिश्रा एवं ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय के नेतृत्व में अमर शहीद क्रांतिकारी चन्द्रशेखर आज़ाद की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई!अमर शहीद एवं महान क्रांतिकारी चन्द्रशेखर आज़ाद की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने चन्द्रशेखर आज़ाद के चित्र माल्यार्पण कर और पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान को नमन किया।ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय ने कहा कि चन्द्रशेखर आज़ाद का सम्पूर्ण जीवन देश की स्वतंत्रता के लिए समर्पित रहा। उनका त्याग, साहस और देशप्रेम आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने संकल्प लिया था कि वे अंग्रेजों के हाथ कभी जीवित नहीं आएँगे, और जीवनभर अपने इस संकल्प का पालन किया।कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने उनके आदर्शों पर चलने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प लिया।ज्योतिर्विद प्रीति पाण्डेय ने बताया की चन्द्रशेखर आज़ाद जन्म 23 जुलाई 1906, भाबरा अलीराजपुर, मध्य प्रदेश में हुआ था!उनके पिता का नाम पंडित सीताराम तिवारी एवं उनके माता का नाम जगरानी देवी हैं !उनका निधन27 फ़रवरी 1931,इलाहाबाद (वर्तमान प्रयागराज),उत्तर प्रदेश में उन्होंने खुद को गोली मार लिया !चन्द्रशेखर आज़ाद भारत के महान क्रांतिकारियों में से एक थे। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन भारत को अंग्रेज़ी शासन से मुक्त कराने के लिए समर्पित कर दिया। बचपन से ही उनमें देशभक्ति की भावना थी।सन् 1921 में जब वे महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में शामिल हुए, तब अंग्रेज़ों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में जब उनसे नाम पूछा गया, तो उन्होंने आज़ाद पिता का नाम स्वतंत्र और पता जेलखाना बताया। तभी से वे चन्द्रशेखर आज़ाद के नाम से प्रसिद्ध हो गए।असहयोग आंदोलन वापस लिए जाने के बाद वे क्रांतिकारी संगठन हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन से जुड़ गए। उन्होंने राम प्रसाद बिस्मिल, भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे वीर क्रांतिकारियों के साथ मिलकर स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी।27 फ़रवरी 1931 को प्रयागराज के चन्द्रशेखर आज़ाद पार्क (तत्कालीन अल्फ्रेड पार्क) में अंग्रेज़ पुलिस ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने वीरतापूर्वक मुकाबला किया। जब उनके पास अंतिम गोली बची, तो उन्होंने अंग्रेज़ों के हाथ जीवित पकड़े जाने के बजाय स्वयं को गोली मारकर अपने प्रण आज़ाद थे, आज़ाद हैं और आज़ाद ही रहेंगे को निभाया।कार्यक्रम के अंत में सभी ने शहीद चंदरशेखर आजाद जी के अमूल्य योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें शत -शत नमन किया !
इस अवसर पर प्रेम प्रकाश मिश्रा ,ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय ,ज्योतिर्विद प्रीति पाण्डेय ,प्रियांशु पाण्डेय ,श्री पाण्डेय ,धीरज पाण्डेय ,ललित शर्मा,रंजीत अवस्थी,हर्ष पाण्डेय , वेदाचार्य अनमोल मिश्रा,मुनेश शुक्ला ,राज तिवारी,उपेंद्र त्रिपाठी,प्रवीण तिवारी,शिवांश शुक्ला,आदि गणमान्यलोग उपस्थित रहे !
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🚩श्री ज्योतिष कार्यालय🚩
ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय
देवलोक कॉलोनी हापुड़
ज्योतिष एवं कर्मकाण्ड विशेषज्ञ
सम्पर्क सूत्र 9634408321
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