
आपातकाल में हापुड़ के लोकतंत्र सेनानियों ने जेल में सही यातनाएं
हापुड, सीमन/सुरेश जैन(ehapurnews.com):आपातकाल में जेलों में अमानवीय यातनाएं सहने वाले हापुड के लोकतंत्र सेनानियों ने आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर गुरुवार को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाया।जेलों में दी गई यातनाएं की यादगार अभी भी धुंधली नहीं हुई है।
लोकतंत्र सेनानी रक्षक परिषद के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अशोक शर्मा ने कहा कि 25जून 1975 भारतीय लोकतंत्र का काला दिवस है इस दिन सम्पूर्ण भारत वर्ष में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल घोषित कर देश की सभी विपक्षी राजनीतिक पार्टी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख कार्यकर्ताओ को बेवजह जेलों में डाल दिया था।संघ के पूर्व विभाग प्रचारक लोकतंत्र रक्षक सेनानी रामानन्द त्यागी ने कहा कि आपातकाल को हटाने के लिए हजारो संघ के स्वयंसेवकों ने सत्याग्रह कर जेलों में गये तथा अमानवीय यातनाएं सहन की। लोकतंत्र सेनानी सुरेश चन्द जैन, अशोक गर्ग, मधुसूदन महेश, हरीश मित्तल, राम कुमार गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र रक्षक सेनानियो के त्याग और बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। उनके सतत संघर्ष, जेलो मे सही कठोर यातनाओ के कारण ही देश से आपातकाल समाप्त हो पाया। आज केन्द्र तथा देश के अनेक प्रान्तो मे भाजपा सरकारे हैं किन्तु लोकतंत्र रक्षक सेनानियो को उचित सम्मान नही मिल पा रहा है। अधिकांश लोकतंत्र सेनानी तो मृत्यु को प्राप्त हो चुके हैं जो थोडे बचे हैं वे भी जीवन के अन्तिम पडाव पर हैं।उन्होने लोकतंत्र सेनानियो को सम्मान देने की मांग की।
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