
अनुदानित यूरिया का प्रयोग करने पर मां वैष्णो क्रिएशन के संचालक पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): कृषि के लिए अनुदानित नेमलेपित यूरिया का गैर कृषि कार्य में प्रयोग करने के आरोप में पिलखुआ की मां वैष्णो क्रियेशन चादर छपाई कारखाने के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत पिलखुआ थाना में जिला कृषि अधिकारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। फैक्ट्री के संचालक पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी है। सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर अनुदानित यूरिया यहां पहुंचा कैसे? अन्य कर्मियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
बता दें कि यह रिपोर्ट कारखाना पर छापामार कार्रवाई के एक माह बाद दर्ज कराई गई है।
कारखाना के कारिंदे अनुदानित यूरिया पिलखुआ की सहकारी समिति से खरीदते थे। छापामार टीम ने कारखाने से 45 किलो का नेमलेपित यूरिया बरामद किया जिसका एक नमूना जांच हेतु लिया गया है और शेष एक कमरे में रख कर कमरा सील कर दिया गया है।बैग पर प्रधान मंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना इफको अंकित है।
छापामार टीम में तहसीलदार धौलाना आदि अफसर शामिल थे।छापामारी के समय कारखाने में आजमगढ का विजय कुमार, हापुड का मुकेश श्रीवास्तव गाजीपुर का योगेन्द्र, बलिया का हरेराम सैनी सीतापुर का महेंद्र कुमार आदि उपस्थित थे।उन्होने बताया कि सरकार द्वारा अनुदानित नेमलेपित यूरिया का प्रयोग छपाई की स्याही को ठंडा करने मे किया जाता है। आरोपी पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी है।
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