
गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहब जी नक्का कुआं गढ़मुक्तेश्वर में संकीर्तन
हापुड, सीमन (ehapurnews.com): श्री गुरु तेग बहादुर साहब जी, भाई मतीदास जी, भाई सती दास जी,और भाई दयाला जी के 350 वर्षीय शहीदी शताब्दी को समर्पित एक महान गुरमत समागम शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर के नेतृत्व मे गुरुवार को किया गया। श्री अखंड पाठ साहिब जी की समाप्ति के बाद भाई ब्रह्म सिंह के रागी जत्थे ने गुरबानी का मनोहर कीर्तन किया। उसके बाद पंजाब से आए भाई गुरविंदर सिंह प्रचारक ने गुरूजी के जीवन पर प्रकाश डाला इसके बाद बिलासपुर से विशेष रूप से पहुंचे भाई देविंदर सिंह ताज के कविश्री जत्थे ने गुरू साहिब जी के लासानी इतिहास को काव्य रूप में पेश कर गुरू साहब जी की महान शहादत का विशेष उल्लेख किया। उत्तर प्रदेश सिख मिशन के प्रभारी सरदार ब्रज पाल सिंह ने बताया कि यह गुरुद्वारा श्रीगुरु तेग बहादुर साहब जी की चरण स्पर्श धरती है गुरू साहब हरिद्वार से जब आसाम को गए थे तो गढमुक्तेश्वर के गुरुद्वारा नक्का कुवा पर होकर गए थे। यहां पर रुके संगत को उपदेश दिया और उसके बाद आशाम चले गए। आज सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था श्रोमिनी गुरुद्रा प्रबंधक कमेटी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सिक मिशन के द्वारा गण मुक्तेश्वर एवं इलाके की सभी सिख संगत के सहयोग से यह शहीदी गुरु पर्व बड़ी श्रद्धा भावना के साथ मनाया गया सरदार बृजपाल सिंह ने सभी संगत का गुरु पर्व में पूर्ण सहयोग करने के लिए धन्यवाद के साथ साथ आभार प्रकट किया।
इसके बाद गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी भाई लवप्रीत सिंह जी ने सरबत के भले की अरदास की उपरांत गुरु का अटूट लंगर वितरित किया गया। इस मौके पर सरदार चंचल दीप सिंह गुरु द्वारा inspector सरदार सुखराज सिंह सरदार गिरदावर सिंह सरदार गुरदार सिंह सरदार वीरेन्द्र सिंह कश्मीर सिंह नवप्रीत सिंह धर्म सिंह नवदीप सिंह गुरमुख सिंह समरपाल सिंह हरबीरसिंह ,सुरजीत सिंह सिंह जसविंदर सिंह नरिंदर सिंह के साथ साथ हजारों की संख्या सिख संगत मौजूद रही।
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