
नवाचार की चिंगारी से रोजगार की क्रांति: एस.एस.वी. कॉलेज में मिशन शक्ति का सफल आयोजन
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): वनस्पति विभाग में मिशन शक्ति फेस 5 के अंतर्गत युवा वैज्ञानिक डीएस टी विज्ञान प्रसार संयोजक तथा आईपीआर आईपी प्रोफेशनल गवर्नमेंट आफ इंडिया से मोहम्मद नदीम को आमंत्रित किया गया जिसमें मोहम्मद नदीम ने इनोवेशन व स्टार्टअप के माध्यम से स्वरोजगार पर व्याख्यान दिया। जिसमें मोहम्मद नदीम ने बताया कि विद्यार्थी स्टार्टअप की दुनिया में अपना फ्यूचर कैसे बना सकते हैं। साथ-साथ हजारों रोजगार कैसा पैदा कर सकते हैं जिससे नवाचार को आगे बढ़ावा मिलेगा तथा नवचार की दुनिया में एक क्रांति आएगी जिससे समाज के साथ हर क्षेत्र में बदलाव की राह खुलेगी। उन्होंने बच्चों को उदाहरण द्वारा स्टार्टअप से देश दुनिया को हम सब मिलकर एक आगे कैसे बढ़ाएं ।आज से पहले जितने भी वैज्ञानिक हुए हैं उनके सभी का कोई ना कोई एक आइडिया ही था जो आईडिया स्टार्टअप में बदला बदलने से दुनिया में एक क्रांति आई जैसे एडिसन ने बल्ब बनाकर पूरी दुनिया को रोशनी से भर दिया है । स्टार्टअप के द्वारा ही आप साथ-साथ कई लोगों को रोजगार देने में भी सक्षम हो जाते हैं। इसलिए आप बच्चों के दिमाग में जो भी कोई ऐसा नवाचार आईडिया है, विचार है उसको कागज पर उतारे और फिर उसका रोड मैप बनाएं। समाज हित में है तो सरकार उसके लिए आपको फंडिंग भी देती है। जरूरत है कि आप अपने विचारों को सामने लाएं। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर नवीन चंद सिंह ने बताया कि आज स्टार्टअप के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में काफी क्रांति आई है और छोटे-छोटे नवीन विचारों से तकनीक को भी सहारा मिला है कचरा से बिजली उत्पन्न करना और भी जो बिल्कुल अपशिष्ट है , उसको कैसे प्रयोगकारी बनाएं आज सबसे बड़ा स्टार्टअप चल रहा है प्रदूषण भी बचा रहा है साथ ही साथ रोजगार भी दे रहा है । आज कई क्षेत्रों में काम चल रहा है तो आप लोग अपने चारों ओर की छोटे-छोटे समस्याओं को देखें और फिर अपने विचारों को लिखें और किस तरीके से वह विचार एक तकनीक में परिवर्तित हो सकते हैं इसमें आपकी जो शिक्षक है वह आपके सहयोग करेंगे। प्रोफेसर संगीता अग्रवाल ने बताया कि जो चिमनियों से धुआं निकलता है वाहनों के जो साइलेंसर है उनसे जो कार्बन निकलता है उसे हम जो प्रिंटर में कार्बन होता है या और भी जो हम वॉटर पुरीफिकेशन के लिए कार्बन के पंप बनाते हैं उसमें हम इसका उपयोग कर सकते हैं यह भी एक विचार है जिसको कि आप लोग भी अपना तकनीक बना सकते हैं। डॉक्टर इंदु यादव,डॉक्टर शालू, डॉक्टर गीता इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे उन्होंने भी बताया कि आज हम पौधों की कोडिंग है उनकी कोडिंग में थोड़ा सा परिवर्तन करके भी हम एक नईवनस्पति की जाति को उत्पन्न कर सकते हैं। किसी भी क्षेत्र में जरूरत है कि आप अपने विचारों को दिमाग में लाएं और उसको उस पर काम करें इस तरीके से आप स्वरोजगार की दुनिया में कदम रखेंगे। कार्यक्रम के माध्यम से करियर काउंसलिंग, प्लेसमेंट व छात्रों में स्वरोजगार की भावना को नवाचार द्वारा विकसित कर सशक्तिकरण की भावना विकसित की गई।
एलर्जी, चर्म रोग, गुप्त रोग की पीड़ित महिलाएं अब रविवार को भी डॉ. रुचिका गुप्ता से ले सकेंगी परामर्श: 8979824365































