
रामलीला के झूले दे रहे मौत को दावत
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): जैसे-जैसे दशहरा पर्व नजदीक आ रहा है, से-वैसे ही हापुड़ के रामलीला में आयोजित रामलीला महोत्सव को देखने हेतु शहरों व ग्रामीण अंचल लोगों की भीड़ उमड़ रही है और अनुमान है कि दशहरा पर्व पर रावण वध लीला व पुतलों का दहन देखने हेतु लाखों लोग पहुंचेंगे जिसमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल होंगे। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की लीलाओं को देखने के लिए जब लोग लालास्थल पर पहुंचते हैं तो उनके कानों में द्विअर्थी गानों के संवाद पड़ते हैं, जिससे उनमें हरोष व्याप्त है। मेला परिसर में नाव झूला, ऊंचा झूला, मैजिक डांस झूला, ड्रैगन ट्रेन सहित दर्जनों छोटे-बड़े झूले लगाए गए हैं। दर्शकों को आकर्षित करने के लिए इन पर रंग बिरंगी रॉड व झालर लाइट लगाई गई हैं। जिससे हर वक्त करंट फैलने का खतरा बना रहता है। जब ये झूले फुल स्पीड पर चलते हैं, तो उनका बेस भी पूरी तरह हिल उठता है जिससे उसमें सवार लोगों की चीख पुकार निकल जाती है। मेले में झूले निश्चित ऊचाई से भी ऊंचे है। गत दिनों एक बालक भी बेहोश हो गया। इनसे भी बुरी हालत तो मौत का कुंआ पर दर्शकों को होती है। जब कलाकार फुल स्पीड के साथ वाहन पर करतब दिखाता है तो लकड़ी का बनाया गया 15-20 फुट ऊंचा कुंआ पूरी तरह हिल उठता है। मजे की बात
को यह है कि मौत को दावत देने वाले इन झूलों पर पुलिस व प्रशासन तथा मनोरंजन कर विभाग का कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं है। मेले में कई छोटे-छोटे सर्कस व जादू आदि भी लगे हैं जिन पर भीड़ जुटाने के लिए नतंकियां द्विअर्थी गानों के साथ नृत्य करती रहती है। भौँडे व अश्लील नृत्यों से राम भक्तों में रोष व्याप्त है। मेले मे जुए के काउंटर भी धड़ल्ले से चल रह है। मेले में तरह-तरह के विकने वाले फल, जूस. चाट पकौड़ी, पेयजल, कोल्ड ड्रिंक आदि खाद्य पदार्थों को गुणवत्ता को भी कोई गारंटी नहीं है। खाद्य विभाग ने तो इस ओर से पूरी तरह आंख मूंद रखी हैं। श्रीराम लीला समिति से इस ओर ध्यान देने की जरुरत है।
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