
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ से सटे धीरखेड़ा में देश के पहले सर्टिफाइड अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर की मैन्युफैक्चरिंग के लिए असेंबल पॉइंट बनाया गया है जो कि न सिर्फ एक फैक्ट्री है बल्कि किसानों के सपनों को उड़ान देने और कंफर्ट को आरामदायक बनाने का एक मंच है। किसान की जरूरत को देखते हुए धीरखेड़ा में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर तैयार किया जा रहे हैं। ऑटो नेक्स्ट ऑटोमेशन प्राइवेट लिमिटेड के सह संस्थापक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी पंकज गोयल ने बताया कि धीरखेड़ा में अब वर्ल्ड क्लास क्वालिटी लेवल के ट्रैक्टर तैयार किए जा रहे हैं। 200 से अधिक इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर तैयार हो चुके हैं। किसानों की बचत को देखते हुए वह इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर लाए हैं।
पंकज गोयल ने बताया कि ऑटो नेक्स्ट ऑटोमेशन का यह इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर सेल्फ ड्रिवन टेक्नोलॉजी पर काम करता है। इसका मतलब यह है कि किसान की दिनचर्या काफी कठिन होती है। समय पर खेत जोतना और उसमें स्प्रे लगाने जिम्मेदारी किसानों पर होती है। उन्होंने बताया कि वह ऐसी सेल्फ ड्रिवन टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं जो कि अपने आप खेत जोतेगी और स्प्रे के साथ-साथ और भी बहुत कुछ करेगी।
धीरखेड़ा में स्थापित यह नई यूनिट पर्यावरण हितैषी कृषि समाधानों को गति देने के साथ-साथ स्थानीय कौशल विकास के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी। अगले वर्ष 80 से 100 करोड़ के आउटपुट के सपने के साथ 3 वर्षों में इस प्लांट के माध्यम से 500 करोड़ का आउटपुट निकालना का लक्ष्य रखा गया है।
जनरल मैनेजर प्लांट हेड हरे कृष्णा ने बताया कि कंपनी से वह लोग भी जुड़े हैं जो नामी संस्थाओं में काम कर चुके हैं जिनके सुझाव को एक बेहतर आकार दिया जा रहा है। इस इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर में इंजन के स्थान पर बैटरी सिस्टम लगाया गया है। किसान को कोई परेशानी ना हो ऐसे में इसके फंक्शन और वर्किंग में कोई बदलाव नहीं किया गया।
45 हॉर्स पावर के इस ट्रैक्टर में 32 किलोवाट की मोटर लगी है जोकि बचत, पर्यावरण संरक्षण, विकास, तकनीक, हुनर को एक माला में पिरो रही है। कंपनी के सह संस्थापक पंकज गोयल ने बताया कि 2016 में ऑटो नेक्स्ट ऑटोमेशन की स्थापना कौस्तुभ धोंडे ने महाराष्ट्र के थाने में की थी। अब हापुड़ से सटे धीरखेड़ा में असेंबली लाइन सेटअप के लिए प्लांट तैयार किया गया है। इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर को लेकर कई नेताओं ने भी किसानों को जागरूक किया है। कंपनी का कहना है कि इस ट्रैक्टर के खरीदने से किसानों को बचत होगी।


























