
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ में रिश्वतखोरों की करतूत लगातार सामने आ रही है। चंद रुपयों की खातिर अधिकारी व कर्मचारी अपने भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ कर रहे हैं। हाल ही में पीडब्ल्यूडी का रिश्वतखोर जेई अशोक कुमार रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ा गया जिसके बाद एक बार फिर से रिश्वतखोरों की चर्चा हापुड़ में शुरू हो गई। पीडब्ल्यूडी विभाग के अन्य अधिकारी एंटी करप्शन टीम की रडार पर हैं।
यातायात पुलिसकर्मी हुआ था सस्पेंड:
भ्रष्टाचार का बोलबाला यातायात पुलिस में भी है। मई 2025 को रिश्वत लेने के आरोप में ततारपुर गोल चक्कर पर तैनात यातायात पुलिसकर्मी सुनील कुमार को सस्पेंड कर दिया था और दो होमगार्ड की रिपोर्ट बनाकर कमांडेंट को भेजी गई थी।
बीएसए कार्यालय में मिला करप्शन:
अप्रैल 2025 को एंटी करप्शन की टीम ने बीएसए दफ्तर के बाहर चाय की दुकान से कनिष्क सहायक दीपेंद्र शर्मा और संविदा कर्मी निखिल शर्मा को रंगे हाथों दबोचा था।
चकबंदी लेखपाल हुआ था गिरफ्तार:
इसी वर्ष मार्च के महीने में एक किसान से ₹10000 की रिश्वत लेते चकबंदी लेखपाल को विजिलेंस विभाग की टीम ने गिरफ्तार किया था। हालांकि रिश्वतखोर लेखपाल की तबीयत बिगड़ गई थी जिसके बाद उसे अस्पताल में उपचार भी कराया था। चकबंदी लेखपाल नरेंद्र कुमार गौड़ को गिरफ्तार उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
2024 की बात करें तो जिले में कुछ अधिकारी व कर्मचारी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचे गए हैं जिन्हें विजिलेंस विभाग की टीम ने रंगे हाथों दबोचा। गिरफ्तार रिश्वतखोर सलाखों के पीछे गए जो कि कई रात जेल में करवटें बदलते रहे। आईए प्रकाश डालते हैं 2024 में कौन-कौन रिश्वतखोर चर्चा में रहा।
अगस्त में लेखपाल विपिन धामा 50 हजार की रिश्वत के साथ पकड़ा गया:
गढ़मुक्तेश्वर तहसील क्षेत्र के बहादुरगढ़ के गांव डेहरा कुटी में व्यावसायिक भवन का दाखिल खारिज कराने के नाम पर रिश्वतखोर लेखपाल विपिन धामा ने 90 हजार रुपए मांगे। किसान ने रिश्वतखोर लेखपाल को 50 हजार रुपए पकड़ाए। तभी मेरठ की विजिलेंस विभाग की टीम ने उसे 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया।
सितंबर में 2.30 लाख की रिश्वत के साथ पकड़ा गया कुंवर पाल:
हापुड़ नगर पालिका परिषद के परिसर में बने आवास से विजिलेंस विभाग की टीम ने सितंबर के महीने में जलकल विभाग में तैनात रहे रिश्वतखोर जेई कुंवरपाल को 2.30 लाख रुपए की रिश्वत के साथ रंगे हाथों दबोचा था। रिश्वतखोर जेई के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था जिसके बाद उसे जेल भेज दिया था। रिश्वतखोर जेई ने एक भुगतान करने की एवज में लाखों की रिश्वत मांगी थी।
डिप्टी रेंजर पर भी हुई कार्रवाई:
वन विभाग के डिप्टी रेंजर को भी 30 हजार रुपए की रिश्वत के साथ एंटी करप्शन की टीम ने जाल बिछाकर उसे पकड़ा था।
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