
जिला खनन अधिकारी कर रहे थे खनन कंपनी की गाड़ी का इस्तेमाल, लिखवाया था उत्तर प्रदेश सरकार
हापुड़, सीमन/ संजय कश्यप (ehapurnews.com): जनपद हापुड़ के जिला खनन अधिकारी प्रशांत कुमार कार्यालय वाहन के रूप में जिस गाड़ी का इस्तेमाल कर रहे थे। वह गाड़ी जनपद हापुड़ की खनन कंपनी की गाड़ी थी। हालांकि यह अलग बात है कि विभाग से कार का नियमित रूप से किराया निकाला जा रहा था लेकिन खनन कंपनी मैसर्स खालसा अर्थ मूवर्स द्वारा गाड़ी पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखवाना और खनन अधिकारी प्रशांत कुमार द्वारा इसका प्रयोग करना अधिकारी की निष्ठा पर कई सवाल खड़े करता है। पूरे जनपद हापुड़ में इस समय खनन विभाग की कार्य प्रणाली सवालों के कटघरे में खड़ी है। खनन अधिकारी द्वारा खनन कंपनी की कार का इस्तेमाल करना, निजी कार पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखवाना और गाड़ी पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट ना लगवाना अधिकारी की भूमिका पर सवालिया निशान खड़े करता है। जब यातायात प्रभारी छविराम सिंह ने गाड़ी का नंबर प्लेट को लेकर ₹5000 का चालान कर दिया। यह गाड़ी चर्चा में आई। सुर्खियों में आने के बाद जिला खनन अधिकारी प्रशांत कुमार का कहना है कि पता नहीं यह कार किस कंपनी की है? इसको ठेके पर लेकर चलाया जा रहा है। यदि यह किसी खनन कंपनी के नाम पर है तो तत्काल हटा दिया जाएगा। जानकारी की जा रही है।
भले ही खनन अधिकारी अनजान बन रहे हैं लेकिन उनका यह बयान गले से नहीं उतरता। कई लोगों ने तो खनन अधिकारी पर पद के दुरुपयोग के भी आरोप लगाए हैं और इस संबंध में जनपद हापुड़ के जिलाधिकारी के साथ-साथ शासन का ध्यान इस ओर खींचा है। खनन अधिकारी द्वारा खनन कंपनी की गाड़ी का प्रयोग करना भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है। यह अधिकारी और खनन करने वालों की साठगांठ को दर्शाता है। यह बुलोरो कार इसका जीता जागता सबूत भी है। मामले में अधिकारियों को संज्ञान लेकर विभिन्न पहलुओं पर जांच करनी चाहिए। खनन की अनुमति से लेकर कितना खनन हुआ? इसका भौतिक सत्यापन करने की जरूरत है। जरूरत पड़ने पर अधिकारियों को संबंधित अधिकारी की संपत्ति की जांच भी करनी चाहिए।
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