
मनुष्य के दुख-सुख का कारण उसके अच्छे बुरे कर्म ही हैं:आचार्य नमोस्तु सागर
हापुड, सीमन/सुरेश जैन (Ehapurnews.com): दिगम्बर जैन मुनि 108 आचार्य नमोस्तु सागर जी महाराज ने सोमवार को प्रातःकाल नमोस्तु भवन पर जैन साधको को पूर्ण विधि-विधान पूर्वक चमत्कारिक अराधना कराई,पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, मेरठ रोड पर शान्ति धारा को अपनी उपस्थिति में कराया तत्पश्चात आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कसेरठ बाजार पर पहुंचे। वहाॅ जैन भक्तो को प्रवचन देते हुए कहा कि मनुष्य के दुख-सुख का कारण उसके स्वयं के किए गए अच्छे बुरे कर्म ही हैं।पूर्व जन्म के अच्छे बुरे कर्मो के कारण ही इस जन्म मे दुख-सुख मिल रहा है। इस जन्म मे पुण्य कर्म करने से हमारे दुख कमजोर हो जाते हैं,हमे इस जन्म मे अच्छे कर्म ही करने चाहिए। धर्म का अवलंबन कभी नही छोड़ना चाहिए वह हमे हमारे हर दुख मे मनोबल बढाने का कार्य करता है। जिससे हर दुख परेशानी मे निराशा, अवसाद नही घेरती है। अपनी आत्मा का कल्याण ही मोक्ष का द्वार है उसी ओर सदैव बढना चाहिए। रचना दीदी ने कहा कि जीवन मे आनन्दित रहने के लिए अपने को सदैव सच्चे देवशासत्र गुरू से जोड़े रखना चाहिए, जब तक धर्म और गुरू का हाथ हमारे ऊपर है हमारा कोई अनर्थ नही हो सकता।अध्यक्ष अनिल जैन ने बताया कि कल से प्रवचन मेरठ रोड नमोस्तु भवन पर होगे।संरक्षक सदस्य सुधीर जैन, पुलकित जैन के आवास पर मुनि जी का आहार चर्या हुई। इंजीनियर सतीश कुमार जैन, सुधीर जैन टप्पू, सुशील जैन, सुरेश चन्द जैन, सुधीर जैन टपिया, राजीव जैन, राकेश जैन, संदीप जैन, तरूण जैन ,अर्चित जैन, सुबोध जैन, पंकज जैन,तुषार जैन, मीनू जैन, मनीषा जैन, नीता जैन, प्रदीप जैन, विनोद बाला जैन, राजेश जैन, रेखा जैन, मनीष जैन, मंजू जैन, मगन जैन,योगेश जैन, अभिषेक जैन आदि उपस्थित थे।
कमल डोसा प्लाजा लेकर आए हैं नए अंदाज़ में वहीं पुराना स्वाद: 7017570838



























