
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): जनपद हापुड़ के पिलखुवा में स्थित मोनाड यूनिवर्सिटी में फर्जी मार्कशीट के मामले में बुधवार को जनपद न्यायाधीश अजय कुमार द्वितीय ने मुख्य आरोपी विश्वविद्यालय के चेयरमैन विजेंद्र सिंह हुड्डा की जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। साथ ही सख्त टिप्पणी की… कोर्ट ने इसे “शैक्षिक आतंकवाद” करार दिया। न्यायाधीश ने कहा कि एक तरफ राष्ट्र आतंकवाद और नशे जैसे मामलों से जूझ रहा है। दूसरी तरफ अब देश को एक नई तरीके के शैक्षिक आतंकवाद से जूझना पड़ रहा है। अन्य आरोपियों की जमानत याचिका के निर्णय को फिलहाल सुरक्षित रखा गया है। फर्जी मार्कशीट मामले में मंगलवार को सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रखा गया था। बुधवार को जिला न्यायाधीश ने फैसला सुनाया।
नए तरीके के शैक्षिक आतंकवाद के अंतर्गत पंजीकृत विश्वविद्यालय के छात्रों को पंजीकरण के बाद बिना परीक्षा दिए फर्जी मार्कशीट और फर्जी डिग्रियां जारी की जा रही हैं। साथ ही उनका अवैध रूप से सत्यापन भी किया जा रहा है। उसे अवैध रूप से किए गए सत्यापन का लाभ लेकर ऐसे छात्र या व्यक्ति विभिन्न सरकारी संस्थानों व प्राइवेट संस्थानों आदि में नौकरियां पा रहे हैं। राष्ट्र को आर्थिक स्वार्थ की प्रतिपूर्ति के लिए शैक्षिक आतंकवाद के चलते अंदर से खोखला करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल अन्य नौ आरोपियों की जमानत याचिका के फैसले को सुरक्षित रखा गया है।
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