हापुड विधान सभा क्षेत्र में भाजपा संगठन है कमजोर
हापुड, सीमन (ehapurnews.com):भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने मेरठ-हापुड़ सीट पर भले ही प्रत्याशी बदल दिया हो,परन्तु भाजपा को कडी मेहनत की जरूरत है।इस बार इस सीट पर त्रिकोणात्मक संघर्ष होगा और कोई मुस्लिम प्रत्याशी न होने से मुस्लिम मत ही निर्णायक होंगे।यदि भाजपा संगठन की दृष्टि से देखें तो इसमें ऐसे लोग शामिल है जिनका समाज में कोई अस्तित्व नही है और उनके कारनामों के कारण लोग उनकी परछाई से भी नफरत करते है।ऐसे संगठन कर्ता वोटर को भाजपा के पक्ष में मोडने की कोई क्षमता नही रखते है।नगर पालिका परिषद के चुनाव में पराजय के बाद जो फेर बदल किया गया वह तो पहले से भी बेकार है। नगर पालिका चुनाव में वोटर के रूख से भाजपाइयों ने कोई सबक नही लिया है।भाजपा के असरदार नेताओं के वार्ड में भाजपा को निकाय चुनाव में पराजय का मुंह देखना पडा था साथ ही भाजपा को हर वार्ड में चुनाव लडने हेतु प्रत्याशी भी नही मिले थे और अभी भी वोटर में गुस्सा व्याप्त है।निकाय चुनाव परिणाम के बाद एक दिन लखनऊ जाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी हापुड रेलवे स्टेशन के प्रतिक्षालय में बैठे हुए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे और हापुड के भाजपा नेताओ का जमघट उनके चारों ओर लगा था कि किसी ने भाजपा की पराजय का शिफूगा छोड दिया तो प्रदेश अध्यक्ष ने हर नेता से पूछ ही लिया कि पहले यह बताओ तुम्हारे वार्ड में भाजपा क्यों हारी तो भाजपाई बगले झांकने लगे।भाजपा मंच पर व कार्यक्रम में ऐसे नेता भी दिखाई देते है जिन पर संगीन धाराओं मे मुकद्दमे दर्ज है।भाजपा को पहले अपना घर सुधारने की जरूरत है,तभी वह जनता का दिल जीत सकती है।
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