
महिलाओं ने की वट वृक्ष की पूजा कर सुहागिनों ने की अखंड सौभाग्य की कामना
हापुड़,सीमन (ehapurnews.com):सनातन संस्कृति का प्रतीक वट वृक्ष पूजा दिवस शनिवार को महिलाओ ने वट वृक्ष सावित्री की पूजा अर्चना कर अखंड सौभाग्यवती होने की कामना की।
शनिवार की सुबह से ही वट वृक्षों की पूजा करने के लिए महिलाएं श्रृंगार के साथ सज-धज कर पहुंचने लगी। सुहागिनों ने वट वृक्ष की पूजा कर वृक्ष की परिक्रमा की और खरबूजा, आम, खीरा आदि मौसमी फल, फूल व मिष्ठान अर्पित किए। इसके अलावा वृट वक्ष की टहनियां ले जाकर अपनों घरों में भी वट की पूजा की। आज के दिन भी अधिकांश सुहागिन महिलाएं व्रत रखती है और पूरे दिन निराहार व निर्जल रहकर शाम को पति के हाथों व्रत को खोलती है। यह व्रत भी करवा चौथ जैसा ही माना जाता है।
हापुड के श्री मंशा देवी मंदिर के पुजारी श्याम मोहन शर्मा ने बताया कि वट सावित्री पूजा एक महत्वपूर्ण हिंदू व्रत है, जो विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है। यह पूजा ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को होती है। इस दिन महिलाएं वट वृक्ष (बरगद का पेड़) की पूजा करती हैं, जो सावित्री और उनके पति सत्यवान की कहानी से जुड़ी हुई है। वट सावित्री पूजा के प्रभाव से पति की दीर्घायु प्राप्त होती है और वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि बनी रहती है।
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