हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : हापुड़ की रामपुर रोड पर स्थित अली नगर निवासी इकराम पिछले चार वर्षों से जेल में बंद था जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जमानत मिली। आपको बता दें कि इकराम पर बिजली चोरी के मामले में कुल 9 मुकदमे दर्ज थे जहां निचली अदालत ने इकराम को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। इस दौरान 9 मुकदमों में दो-दो साल की सजा सुनाई गई। निचली अदालत ने कुल मिलाकर इकराम को 18 वर्षों की सजा सुनाई गई जिसके बाद इकराम ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया लेकिन वहां से राहत नहीं मिली जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट जाने के पश्चात कोर्ट के फैसले ने परिजनों और इकराम के चेहरे पर खुशी ला दी।
आपको बता दें कि इकराम पर जनपद के विभिन्न थानों में बिजली चोरी के कुल 9 मुकदमे दर्ज थे। पुलिस ने इकराम को 2019 में गौतम बुद्धनगर के दादरी से हापुड़ आते समय गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जिसे साल 2020 में हापुड़ न्यायालय द्वारा विद्युत अधिनियम की धारा 136 के उल्लंघन के तहत दोषी ठहराया गया। ट्रायल के दौरान कोर्ट ने नो एफ आई आर के लिए अलग-अलग मुकदमों पर ट्रायल चलाया था और इकराम को दोषी करार देते हुए एक ही दिन में कुल 9 मुकदमों में 18 साल की सजा सुनाई थी। बताया जा रहा है कि इकराम पिछले चार वर्षों से जेल में बंद था जो कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रिहा हो गया। मुख्य न्यायधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने आदेश देते हुए स्पष्ट कहा कि अपीलकर्ता को 9 सत्रों के मुकदमों में लगाई गई सजा साथ-साथ चलेगी जिसके बाद परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई।

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