हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : कहा जाता है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती… लेकिन ब्रेनवेव्स इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों के इरादों ने इस पंक्ति को थोड़ा बदल दिया है। छात्रों की मेहनत देखकर कह सकते हैं कि सिखाने की भी कोई उम्र नहीं होती। इन नन्हें छात्रों ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसे शहर में एक मिसाल के रुप में देखा जा रहा है। जी हां हापुड़ के गांव असौड़ा में संचालित विद्यालय के छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए यह ब्रेनबेव्वस इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने ही मोर्चा संभाल लिया है जहां उन्होंने रविवार को ब्रेनवेव्स में स्टॉल लगाकर पानी पूरी, स्टेशनरी, मिठाई आदि बेची जिसकी कमाई को यह छात्र असौड़ा के स्कूल के विकास के लिए डोनेट करेंगे। नन्हे से कंधों पर इतनी बड़ी जिम्मेदारी देख हर किसी ने छात्रों का मनोबल बढ़ाया।
हापुड़ की मेरठ रोड पर स्थित ब्रेनवेव्स इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर वैभव गोयल ने बताया कि सितंबर के महीने में छात्र असौड़ा किला घूमने गए थे जहां उन्होंने देखा कि किस तरह असौड़ा मंदिर में संचालित एक स्कूल दयनीय हालत में है जिसके बाद उन्होंने यहां पढ़ने वाले छात्रों के भविष्य को संवारने के लिए बीड़ा उठाया।
इस दौरान छात्रों ने सामान बेचने के लिए खुद ही चीजें तैयार की…. चाहे वह खाने का सामान हो या स्टेशनरी का…. मैजिक शो हो या कुछ और… छात्रों ने खुद ही चीजें तैयारी की और जो आमदनी इन्हें हुई वह उसे असौड़ा के स्कूल के लिए डोनेट करेंगे। इस अवसर पर छात्र बेहद उत्साहित नजर आए।
बता दें कि ब्रेनवेव्स इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा एक से कक्षा सात तक के छात्रों की इस सोच को देखकर सभी ने स्वागत किया जिसमें छात्रों के अभिभावकों व शिक्षकों ने पूरा साथ दिया। इस दौरान स्कूल में छात्रों ने ऊंट की सवारी भी की, मिट्टी से किस तरह चीजें बनाई जाती हैं इसे समझा और जमकर झूले में झूले…. इस अवसर पर ब्रेनवेव्स इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर पंकज गोयल, वैभव गोयल, प्रिंसिपल रेशू गोयल, तनु गोयल आदि






















