हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी की फेक वेबसाइट बनाकर छात्रों को फर्जी डिग्री देने वाले दो आरोपी साइबर सेल और थाना पिलखुवा पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। आरोप है कि यह दोनों फर्जी मार्कशीट जारी कर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे थे। पुलिस ने गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनसे पुलिस ने एलसीडी, मॉनिटर, सीपीयू, प्रिंटर, तीन मोबाइल, फेक मार्कशीट, डिग्री, फर्जी लेटर हैड, स्टांप आदि बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि आरोपियों ने इस फर्जीवाड़े से 10 लाखों रुपए कमाए लिए। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी जनपद सीतापुर के हैं जिनके नाम अमरेश पुत्र अशर्फीलाल और शिवम पांडे पुत्र रामप्रकाश पांडे है। बताया जा रहा है कि गिरोह काफी बड़ा है जिसके कई सदस्य अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।
वहीं गिरोह का मास्टरमाइंड अमरेश है जो वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से एमफिल है।
बनाई फेक साइट:
पकड़ गए दोनों आरोपियों ने मोनाड यूनिवर्सिटी से मिलती-जुलती एक वेबसाइट बनाई जिस पर अपना मोबाइल नंबर डाला। मोबाइल पर एडमिशन के लिए आने वाली छात्रों की कॉल पर दोनों बात करते और खुद को यूनिवर्सिटी का अधिकारी बताते। दोनों छात्रों को विभिन्न स्ट्रीम की डिग्री और ओ लेवल का कंप्यूटर डिप्लोमा फर्जी तरीके से तैयार कर युवाओं को बेच देते। ओ-लेवल का डिप्लोमा सर्टिफिकेट पांच हजार से लेकर बीस हजार रुपए में युवाओं को बेचकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करते।
साल 2018 से चल रहा था फर्जीवाड़ा:
बता दें कि यह फर्जीवाड़ा साल 2018 से मोनाड़ यूनिवर्सिटी हापुड़ में चल रहा था। जहां यूनिवर्सिटी की 100 से ज्यादा मार्कशीट और डिप्लोमा इस गिरोह द्वारा फर्जी तरीके से तैयार कर युवाओं को बेचा गया है। इस दौरान उन्होंने दस लाख रुपए तक कमा लिए हैं।
जानें कैसे हुआ खुलासा:
बता दें कि दोनों आरोपी बेहद शातिर किस्म के हैं। इन्होंने साल 2018 से 19 सत्र का एक फेक सर्टिफिकेट निशा तिवारी नाम की महिला को मोनाड यूनिवर्सिटी हापुड़ से ओ लेवल का डिप्लोमा जारी किया गया। डिप्लोमा को यूनिवर्सिटी द्वारा जारी किए जाने के तथ्य को विश्वास में दिलाने के लिए इन्होंने अपने द्वारा बनाई गई फर्जी वेबसाइट पर डिप्लोमा के एनरोलमेंट नंबर की डिटेल अपलोड कर दी। जब सरकारी नौकरी के लिए निशा तिवारी का यह डिप्लोमा मोनाड यूनिवर्सिटी से नॉट वेरीफाइड हुआ तो डिप्लोमा को यूनिवर्सिटी की ओर से वेरीफाइड दिखाने के लिए दोनों यूनिवर्सिटी का फर्जी लेटर पैड तैयार कर फर्जी हस्ताक्षर कर इसे पोस्ट करने के लिए हापुड़ आए। इस दौरान पुलिस ने और साइबर सेल ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपी सीतापुर के हैं:
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी सीतापुर में अपने अलग-अलग कंप्यूटर सेंटर का संचालन करते हैं। अमरेश ने साल 2017 से ओशो एजुकेशन ग्रुप बनाकर ओशो ग्रुप की वेबसाइट बनाई है जहां से विद्यार्थियों को गलत तरीके से पिछले शैक्षिक सत्र की मार्कशीट उपलब्ध कराई जा रही थी। छात्रों द्वारा डिमांड आने पर आईटीआई, ओ लेवल कंप्यूटर के अन्य डिप्लोमा और योगा की डिग्री विद्यार्थियों को बिना पढ़ाए, बिना परीक्षा कराए ही जारी की जा रही थी। वहीं शिवम भी अपने कंप्यूटर सेंटर के साथ महऋषी दयानंद शैक्षिक संस्थान की फ्रेंचाइजी लेकर विद्यार्थियों का आईटीआई और कंप्यूटर डिप्लोमा में एडमिशन करके शैक्षिक संस्थान की डिग्री उपलब्ध करा रहा था। इन दोनों द्वारा संचालित कंप्यूटर सेंटर में फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। पिलखुवा पुलिस ने सोमवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। बताया जा रहा है कि यह गैंग बहुत बड़ा है।
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