
आईआईए धीरखेड़ा हापुड़ चैप्टर द्वारा व्यापारी संवाद एवं जीएसटी जागरूकता बैठक आयोजित
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) धीरखेड़ा हापुड़ चैप्टर द्वारा मंगलवार को सोसाइटी भवन, धीरखेड़ा में चैप्टर चेयरमैन पवन शर्मा की अध्यक्षता में एक विशेष मंथन बैठक एवं व्यापारी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य उद्योग जगत की समस्याओं पर चर्चा करना तथा जीएसटी से संबंधित नवीनतम प्रावधानों एवं उनके प्रभावों पर उद्यमियों को जागरूक करना था।
इस अवसर पर जीएसटी विभाग, हापुड़ के वरिष्ठ अधिकारियों लालचंद्र ने अपनी टीम सहित बैठक में सहभागिता की तथा उद्यमियों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। बैठक का मुख्य विषय वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जीएसटी कानून में किए गए विभिन्न संशोधनों तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में इन संशोधनों के उद्योग एवं व्यापार पर पड़ने वाले प्रभावों पर केंद्रित रहा।
बैठक में उपस्थित उद्यमियों ने जीएसटी अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएँ रखते हुए कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारिक लेन-देन, क्रय-विक्रय एवं इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की प्रक्रिया पहले की अपेक्षा काफी सरल हुई है, किन्तु अभी भी कई स्तरों पर जीएसटी प्रणाली जटिल बनी हुई है। उद्यमियों ने बताया कि कई बार बहुत छोटी तकनीकी त्रुटियों अथवा कानून की अलग-अलग व्याख्याओं के कारण सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होने के बावजूद मालवाहक वाहनों के रोके जाने की आशंका बनी रहती है। इसके अतिरिक्त जीएसटी पोर्टल द्वारा कई बार बिना किसी स्पष्ट कारण के नोटिस जारी कर दिए जाते हैं, जिससे व्यापारियों का समय, धन एवं मानसिक शांति प्रभावित होती है।
चैप्टर चेयरमैन पवन शर्मा ने सभी उद्यमी सदस्यों की ओर से जीएसटी अधिकारियों से आग्रह किया कि विभाग समय-समय पर उद्योगों एवं व्यापारिक संगठनों के साथ इस प्रकार की संवादात्मक बैठकें आयोजित करता रहे तथा जीएसटी कानून में होने वाले नवीनतम परिवर्तनों एवं प्रावधानों की विस्तृत जानकारी उद्यमियों को उपलब्ध कराता रहे। इससे व्यापारी एवं उद्योगपति नियमों का पूर्ण अनुपालन करते हुए अपने व्यवसाय का संचालन और अधिक सुगमता से कर सकेंगे।
बैठक में जीएसटी विभाग के उपायुक्त लालचंद ने उद्यमियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि किसी व्यापारी अथवा उद्योगपति को जीएसटी से संबंधित किसी प्रकार की समस्या आती है तो वह सीधे जीएसटी कार्यालय में आकर अधिकारियों से संपर्क कर सकता है तथा उसकी समस्या के समाधान का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
इस दौरान उद्यमी संजीव अग्रवाल ने खाद्य तेल उद्योग से जुड़ी एक महत्वपूर्ण समस्या उठाते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में खाद्य तेल निर्माताओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले पैकेजिंग सामग्री पर 18 प्रतिशत जीएसटी देय है, जबकि तैयार खाद्य तेल पर मात्र 5 प्रतिशत जीएसटी लागू है। इस अंतर के कारण अतिरिक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट का समुचित रिफंड नहीं मिल पाता, जिससे उद्योगों की लागत बढ़ रही है और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हो रही है।
बैठक के समापन पर चैप्टर चेयरमैन पवन शर्मा ने जीएसटी उपायुक्त लालचंद एवं उनकी टीम का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा पुष्पगुच्छ भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने विभाग द्वारा प्रदान की गई महत्वपूर्ण जानकारी एवं उद्योग हित में सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
बैठक में चैप्टर सचिव लवलीन गुप्ता, कोषाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल, आईआईए के राष्ट्रीय सचिव विजय शंकर शर्मा, सीईसी सदस्य शांतनु सिंघल, सीईसी इनवाइटी राजेंद्र गुप्ता, सब्जेक्ट कमेटी चेयरमैन अशोक छारिया, सुनील जैन, संजीव अग्रवाल, मुदित बंसल, कपिल अरोड़ा, मोहित जैन, लोकेश गोयल सहित बड़ी संख्या में उद्यमी बंधु उपस्थित रहे।
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