
हर जिले में खुल सकेंगे तीन स्वचालित वाहन फिटनेस सेंटर
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): प्रदेश में व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए अब हर जिले में अधिकतम तीन स्वचालित परीक्षण स्टेशन (एटीएस) खोले जा सकेंगे। खास बात यह है कि एटीएस के लिए ढाई एकड़ जमीन की बाध्यता खत्म कर दी है। अब एक एकड़ से कम जमीन में भी केंद्र स्थापित किया जा सकेगा। पहले सेंटर खोलने के लिए छह करोड़ की नेटवर्थ की अनिवार्यता थी, अब इसे हटा दिया है। सेंटरों के संचालन में छह माह तक कार्रवाई से भी छूट दी गई है। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में परिवहन विभाग की नई एटीएस राज्य नीति-2026 को स्वीकृति दे दी गई। वर्तमान में 27 जिलों में 40 एटीएस संचालित है। नई नीति से इनकी संख्या बढ़ेगी।
एटीएस के लिए आवेदन केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) के डिजिटल प्लेटफार्म एएफएमएस पोर्टल (आटोमेटेड फिटनेस मैनेजमेंट सिस्टेम) पर किया जाता है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के अनुसार पहले यह पोर्टल कम समय के लिए खुलता था लेकिन अब यह स्थायी रूप से खुला रहेगा। इससे निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और वाहन फिटनेस जांच के लिए लोगों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। नई नीति अधिसूचित होते ही प्रभावी हो जाएगी। इसे लागू करने से प्रदेश सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। एटीएस में वाहनों की फिटनेस जांच स्वचालित मशीनों से बिना मानवीय हस्तक्षेप के होगी। सड़क पर केवल तकनीकी रूप से फिट वाहन चलने से दुर्घटनाओं में कमी लाने में भी मदद मिलेगी। केंद्र सरकार ने 23 सितंबर 2021, 31 अक्टूबर 2022, 14 मार्च 2024 और आठ मई 2024 को जारी अधिसूचनाओं के जरिये केंद्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 में अध्याय-11 जोड़ा था। इसमें स्वचालित परीक्षण स्टेशनों के विनियमन और नियंत्रण की व्यवस्था है। इन्हीं नए केंद्रीय दिशा-निर्देशों को शामिल करते हुए 2023 की राज्य नीति को बदलकर नई नीति तैयार की गई है।
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