
स्वर्ण प्राशन एवं पौष्टिक आहार स्वस्थ जीवन के आधार : प्रो. डॉ. भगवान सहाय शर्मा
हापुड़, सीमन/रियाज़ अहमद (ehapurnews.com):स्थानीय जी.एस. आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में मानव संसाधन विकास प्रकोष्ठ एवं कौमारभृत्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “बाल पोषण एवं स्वास्थ्य में समन्वित दृष्टिकोण – 2025” विषय पर एक दिवसीय शैक्षणिक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता तिबिया कॉलेज दिल्ली के बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. भगवान सहाय शर्मा ने बताया कि स्वस्थ एवं सफल जीवन के लिए बच्चों को पौष्टिक आहार की आवश्यकता होती है वर्तमान परिवेश में बाजार वाद के कारण बच्चों के आहार में स्वाद पर ध्यान केंद्रित हुआ है और पोषण में कमी आई है इसलिए बदले हुए परिवेश में बच्चों के पोषण पर ध्यान देने की अत्यंत आवश्यकता है पौष्टिक आहार के साथ यदि स्वर्ण प्राशन का भी प्रयोग किया जाता है तो आश्चर्यजनक परिणाम देखने को मिलते हैं बच्चों की स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है शारीरिक एवं मानसिक तौर से वे सबल बनते हैं और कम बीमार पड़ते हैं
कार्यक्रम का उद्देश्य बाल पोषण, जीवनशैली एवं स्वास्थ्य पर आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की समन्वित दृष्टि को साझा करना था इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु विभिन्न विशेषज्ञ वक्ताओं ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए जिनमें डॉ. हिमा मंगल द्वारा बचपन में मोटापा डॉ. स्वाति चौहान द्वारा बच्चों में सामान्य पोषण . डॉ. अनीता द्वारा मातृ पोषण एवं स्तनपान की भूमिका डॉ. अंकुर तंवर द्वारा आहार विधि विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई
इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक डॉ रॉबिन चौधरी एवं डॉ मसूदा ने मंच संचालन किया ।
उदघाटन समारोह में जी एस आयुर्वेद कॉलेज एवं हॉस्पिटल की प्रिंसिपल डॉ भावना सिंह ने पोषाहार सप्ताह के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के लिए विभाग की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्वस्थ एवं चिरंजीवी बनने के लिए बचपन से ही मजबूत नींव डालने की आवश्यकता है और पौष्टिक आहार समय की आवश्यकता है ।
कार्यक्रम के समापन एवं आभार प्रदर्शन में डॉ. सूनरीता तनेजा (विभागाध्यक्ष, कौमारभृत्य विभाग) ने सभी उपस्थित वक्ताओं और प्रतिभागियों के साथ साथ कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोगी सभी स्वयंसेवकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बताया कि बाल रोग विभाग में बच्चों के स्वास्थ्य रक्षण से लेकर उनके सर्वांगीण विकास तक हर प्रकार की सुविधा बाल रोग विभाग में उपलब्ध है
शैक्षिक प्रकोष्ठ की प्रमुख डॉ जीना पटनायक ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए इसे उपस्थित प्रतिभागियों के लिए एक मील का पत्थर बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया । मानव संसाधन विकास प्रकोष्ठ की संयोजिका डॉ सरोजिनी ने भविष्य में भी इसी प्रकार के कार्यक्रमों की श्रृंखला को जारी रखने के अपने संकल्प को दोहराया ।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में कॉलेज के शिक्षक, छात्र छात्रों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की सफलता को सिद्ध किया
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